मुरादाबाद। जिले की मुरादाबाद, बिलारी, डिलारी व ठाकुरद्वारा विकास क्षेत्र की पांच ग्राम पंचायतों के प्रधानों पर सरकारी धन का दुरुपयोग करके विकास कार्यो में हेराफेरी करने की शिकायतें पिछले साल नवंबर माह में की गई थीं। जिलाधिकारी ने इनकी जांच दिसंबर माह में जिला स्तरीय अधिकारियों को सौंपकर सप्ताहभर में रिपोर्ट मा्ंगी थी लेकिन अधिकारियों ने अब तक जांच रिपोर्ट नहीं सौंपी है। सीडीओ ने जांच अधिकारियों को तीन दिन के अंदर रिपोर्ट सौंपने के निर्देश दिए हैं।
ठाकुरद्वारा ब्लाक की फौलादपुर गांव के उदयपाल, मोहम्मद मोमीन व शाकिर आदि ने 21 नवंबर 2025 को ग्राम पंचायत में विकास कार्यो में गड़बड़ी को लेकर शिकायत की थी, 17 दिसंबर को इसकी जांच जिलाधिकारी की ओर से जिला पूर्ति अधिकारी को सौंपी थी। इसमें आरईडी के अधिशासी अभियंता को तकनीक अधिकारी बनाया था। सप्ताहभर में जांच रिपोर्ट मांगी थी लेकिन जांच रिपोर्ट अभी तक नहीं दी गई है। मुख्य विकास अधिकारी मृणाली अविनाश जोशी ने जिला पूर्ति अधिकारी व अधिशासी अभियंता (आरईडी) को पत्र लिखकर तीन दिन के अंदर जांच रिपोर्ट देने का निर्देश दिया है। इसके साथ ही मुरादाबाद ब्लाक के अवक्करपुर के चंद्र किरन, मनोज, वीरपाल आदि ने प्रधान गुड्डी रानी पर कई तरह की वित्तीय गड़बड़ियों का आरोप लगाते हुए शिकायत की थी। जिसकी जांच रिपोर्ट भी अभी नहीं दी है।
इसी तरह कुंदरकी ब्लाक के तेवर पट्टी उर्फ काजीपुरा के योगेंद्र सिंह एडवोकेट ने 10 नवंबर को ग्राम पंचायत के प्रधान पर वित्तीय अनियमितताएं बरतने का आरोप लगाते हुए जांच की मांग की थी। जिला मजिस्ट्रेट ने नौ दिसंबर को इस मामले की जांच जिला समाज कल्याण अधिकारी को सौंपी थी, सहायक अभियंता (लघु) सिंचाई को तकनीकी अधिकारी बनाया था। एक सप्ताह में जांच रिपोर्ट मांगी गई थी लेकिन अब नहीं दी गई है। बिलारी के रामनगर निवासी सोनू, लाखन सिंह, प्यारे आदि ने भी ग्राम पंचायत रामनगर गंगूपुर के प्रधान के खिलाफ जांच की मांग की थी, जिसकी जांच भी जिला अर्थ एवं संख्या अधिकारी को सौंपी गई थी। डिलारी ब्लाक के अकबरपुर गांव के मोहम्मद आरिफ, सदाकत व नवाब अली आदि ने सरकारी धन का दुरुपयोग का आरोप लगाते हुए जांच की मांग की थी, जिसकी जांच जिला मजिस्ट्रेट ने नौ दिसंबर 2025 को जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी को सौंपी थी लेकिन अभी तक जांच रिपोर्ट लंबित है, सीडीओ ने जांच अधिकारियों से तीन दिन के अंदर जांच रिपोर्ट देने के निर्देश दिए हैं।