लूट के बाद पैर छूकर माफी मांगता पुलिसवाला।
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आचार संहिता की आड़ में व्यापारियों का खुला उत्पीड़न कर रही पुलिस का एक और सनसनीखेज कारनामा सामने आया है। कोतवाली पुलिस के दो सिपाहियों ने आचार संहिता के नाम पर दिल्ली के ब्रास कारोबारी से एक लाख रुपये लूट लिए।
रकम छीनने के बाद सिपाहियों ने कारोबारी को डरा धमकाकर वापस दिल्ली भेज दिया। करतूत खुली तो सिपाही कारोबारी और उनके रिश्तेदार एक नेता के पैर पकड़कर गिड़गिड़ाने लगे। रकम भी वापस कर दी। कप्तान को भनक लगी तो दोनों सिपाहियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया। एसएसपी ने दोनों सिपाहियों को सस्पेंड कर दिया है।
दिल्ली के शाहदरा निवासी विवेक शर्मा का ब्रास का कारोबार है। शनिवार को विवेक शर्मा मुरादाबाद आए थे। उन्होंने नई बस्ती बाड़ा शाह से एक व्यापारी से पेमेंट के एक लाख रुपये लिए। शनिवार तड़के चार बजे दिल्ली लौटते वक्त विवेक शर्मा जैसे ही कुइयां वाली मस्जिद के पास पहुंचे। इसी बीच पीछे से लैपर्ड पर दो सिपाही जयप्रकाश और मोतीराम पहुंच गए।
दोनों सिपाहियों ने कारोबारी को रायफल दिखाकर जबरन रोक लिया और तलाशी लेने लगे। कारोबारी की जेब से मिले एक लाख रुपये सिपाहियों ने छीन लिए और आचार संहिता की धौंस देकर कारोबारी को जेल भेजने की धमकी दी।
कारोबारी से रुपये छीनने के बाद सिपाहियाें ने उन्हें मुंह बंद रखने की हिदायत दी और एक लाख रुपये में से 53 हजार रुपये देकर दिल्ली जाने वाली बस में बैठा दिया। कारोबारी ने दिल्ली पहुंच कर अपने एक परिचित को कॉल कर पूूरी घटना की जानकारी दी।
इसके बाद कारोबारी दोबारा मुरादाबाद आया और उसने कोतवाली में तहरीर दी। दोनों सिपाहियों के खिलाफ केस दर्ज कर लिया गया है। जबकि एसएसपी उमेश श्रीवास्तव ने दोनों सिपाहियों को निलंबित कर दिया गया है। जबकि देर रात दोनों सिपाही गिरफ्तार कर लिए गए हैं।