अगर सब ठीकठाक रहा तो जिला अस्पताल में आने वाले मरीजों को बार-बार पर्ची कटाने से मुक्ति मिल जाएगी। जिला अस्पताल खुद को तकनीक से लैस करने जा रहा है। अब एक बार ही पर्ची कटानी होगी। जिसके बाद मरीज को आईडी नंबर मिल जाएगा। अगली बार आने पर मरीज को सिर्फ आईडी नंबर बताना होगा, जिसके आधार पर उसका पर्चा कंप्यूटर बना देगा।
जिला अस्पताल में अभी मैन्युअल पर्चा कटता है। ऐसे में मरीजों की पूरी डिटेल नहीं रखी जाती। वहीं लंबे समय तक रजिस्टर सुरक्षित रख पाना भी मुश्किल होता हे। लेकिन अब पूरे अस्पताल को कंप्यूटराइज्ड कर दिया जाएगा। सभी कंप्यूटर को एक दूसरे से कनेक्ट कर दिया जाएगा। ई-अस्पताल के लिए बनाए गए नोडल अधिकारी आर पी मिश्रा ने बताया कि जिला अस्पताल को ई- अस्पताल बनाने की कागजी कार्यवाही पूरी कर ली गई है।
सोमवार से कंप्यूटर समेत अन्य सामग्रियों के आर्डर दे दिए जाएंगे। यहां पहले चरण में ओपीडी और वार्डों में कंप्यूटर और कनेक्टिविटी का काम किया जाएगा। इसके बाद के चरणों में अस्पताल को हाईटेक बनाया जाएगा। ओपीडी में पर्चा कंप्यूटर से बनेगा। मरीजों को एक बार ही पर्चा बनाने की जरूरत पड़ेगी। वहीं वार्डों में भर्ती मरीजों की पूरी डिटेल भी कंप्यूटराइज्ड की जाएगी। ताकि किसी मरीज के बारे में आसानी से जानकारी मिल जाए।
घर बैठे करा कराएंगे पंजीकरण और जानेंगे अपना नंबर
नोडल अधिकारी ने बताया कि ई- अस्पताल में कई चरणों में काम होना है। इन चरणों में एक चरण ऐसा भी आएगा। जब मरीज घर बैठे ही अपना पंजीकरण कराएंगे। साथ ही डाक्टर से मिलने का उनका कौन सा नंबर है, यह जानकारी भी उन्हें मिल जाएगी।