बसपा और भाजपा के बाद जिले की छह सीटों के लिए सपा ने भी अपने उम्मीदवारों के नामों की घोषणा कर दी है। टिकट से चूके दावेदार अब बागी बनने को तैयार हैं। इनकी नजरें सपा के साथ गठबंधन की गांठ में उलझी कांग्रेस पर टिकी हुई है।
कांग्रेस के अलावा रालोद, एआईएमआईएम और पीसपार्टी से भी टिकट पाने की जुगत में लगे हैं। फिलहाल जोड़ तोड़ के साथ बागी अपने समर्थकों से सलाह मशविरा में लगे हैं। गठबंधन की अटकलों के बीच मुरादाबाद नगर, देहात, कुंदरकी, बिलारी, कांठ और ठाकुरद्वारा विधानसभा सीट पर बसपा, भाजपा और सपा ने अपने-अपने प्रत्याशी उतार दिए हैं।
प्रत्याशियों के नामों की घोषणा के बाद इन पार्टियों से टिकट के दावेदार मायूस हो गए हैं। ये दावेदार लंबे समय से चुनाव लड़ने की तैयारी में थे। टिकट नहीं मिलने पर मायूस हुए ये दावेदार बागी बनकर चुनावी दंगल में उतर सकते हैं। इसके लिए जोड़-तोड़ शुरू कर दी गई है।
इन बागियों ने राजनीतिक पार्टियों से संपर्क साधना शुरू कर दिया है। सपा के साथ गठबंधन की गांठ में उलझी कांग्रेस ने अभी प्रत्याशी नहीं उतारे हैं। ऐसे में अधिकांश की नजरें कांग्रेस पर टिकी हुई है। इसके अलावा ओवैसी की पार्टी एआईएमआईएम, रालोद, पीसपार्टी से भी टिकट के लिए जोड़तोड़ चल रही है। इसके लिए समर्थकों से सलाह मशविरा का लगातार दौर चल रहा है।