मुरादाबाद। हस्तशिल्प निर्यात संवर्धन परिषद की प्रशासन समिति यानी सीओए सदस्यों के चुनाव में नया मोड़ आया है। इसके दो उम्मीदवार अब्दुल अजीम और हेमंत जुनेजा को ईपीसीएच ने नोटिस भेजा है। आरोप है कि दोनों अपने प्रचार या मेलों में ईपीसीएच का नाम मुख्य शीर्षक में इस्तेमाल कर रहे हैं जिससे भ्रम हो रहा है। दोनों से 24 घंटे के भीतर जवाब देने को कहा गया है।
सीओए सदस्यों के इस चुनाव में मध्य क्षेत्र से दो पद रिक्त हैं जिनमें मुरादाबाद से चार उम्मीदवार मैदान में हैं। दो अलग अलग गुटों से दो-दो उम्मीदवार चुनाव लड़ रहे हैं। लघु उद्योग भारती एवं दि हैंडीक्राफ्ट एक्सपोर्टस एसोसिएशन मिलकर अब्दुल अजीम तथा हेमंत जुनेजा को सपोर्ट कर रही हैं। दूसरी तरफ यस तथा मुरादाबाद हैंडीक्राफ्ट एक्सपोर्ट एसोसिएशन ने नीरज खन्ना तथा नवेद उर्रहमान को मैदान में उतारा है।
ईपीसीएच केकार्यकारी निदेशक आरके वर्मा ने बताया कि नवेदउर्रहमान, नीरज खन्ना एवं सदस्यों (मतदाताओं) से शिकायतें प्राप्त हुई हैं कि उम्मीदवार अब्दुल अजीम तथा हेमंत जुनेजा ईपीसीएच के नाम का उपयोग मुख्य शीर्षक पर मास्टर के रूप में कर रहे हैं जिससे ये भ्रम उत्पन्न होता है कि ईपीसीएच उनका समर्थन करता है। आरके वर्मा के मुताबिक ईपीसीएच स्पष्ट करता है कि ईपीसीएच ने न तो कोई ऐसा कोई मेल जारी किया और न ही ईपीसीएच किसी उम्मीदवार को प्रायोजित या समर्थन करता है। इस पर अब्दुल अज़ीम और हेमंत जुनेजा को नोटिस जारी कर पूछा है कि क्या ये मेल उनके द्वारा जारी किए गए हैं? उनसे 24 घंटे के भीतर अपना जवाब प्रस्तुत करने के लिए भी कहा गया है। साथ ही सदस्यों को चेतावनी नोटिस जारी किया और उनसे अनुरोध किया कि वे ऐसे फर्जी मेलों को तुरंत ईपीसीएच के संज्ञान में लाएं ताकि इस चुनावी प्रक्रिया को पारदर्शी एवं निष्पक्ष बनाया जा सके।
हम तो नियमों का पालन करते हैं और जानते हैं कि क्या गलत है। हम आईटी एक्सपर्ट से जांच कराएंगे कि किसने ये मेल भेजे। हमने तो नहीं भेजे - अब्दुल अजीम
ये मेल हमने नहीं डाले। हो सकता है कि यह कोई षड्यंत्र हो। ईपीसीएच को आईटी विशेषज्ञों से इसकी जांच करानी चाहिए। हम जवाब में भी यही मांग करेंगे- हेमंत जुनेजा
सतपाल ने दिया इस्तीफा, कहा मुझे इस एसोसिएशन में नहीं रहना
मुरादाबाद। सीओए चुनाव की तैयारियों के मद्देजन शुक्रवार को यस तथा एमएचएई की एक बैठक हुई थी मौजूद निर्यातक राजेश खन्ना ने दि हैंडीक्राफ्ट एक्सपोर्टस एसोसिएशन केसचिव सतपाल पर आरोप लगा दिए। कहा कि 1974 में मुरादाबाद इंडस्ट्रीयल फैक्टरीज एसोसिएशन की स्थापना हुई थी। सतपाल उसके सचिव थे। उन्होंने एसोसिएशन को पहले निष्क्रिय किया और जब लोग भूल गए तो उसकी बिल्डिंग को मनमाने तरीके से बेचकर सारा पैसा गबन कर लिया। उधर सतपाल ने कहा था कि राजेश खन्ना का दिमाग गड़बड़ा गया है और यह बिल्डिंग नहीं बिकी है। इस बैठक में एसोसिएशन के अध्यक्ष सुभाष भाटिया भी मौजूद थे और उन्होंने भी कहा था कि बिल्डिंग तो बिकी ही नहीं है। शनिवार को सतपाल ने अध्यक्ष सुभाष भाटिया को अपना इस्तीफा भेज दिया। कहा कि उन्हें अब सचिव नहीं रहना। कहा कि चुनाव की राजनीति में उन्हें बिना वजह घसीटा गया जबकि वह तो उम्मीदवार भी नहीं हैं। वह भी तब जबकि इस बैठक में एसोसिएशन के अध्यक्ष और कोषाध्यक्ष मौजूद थे। उन्हें रोकना चाहिए था।