मुरादाबाद। बुद्धि विहार स्थित सेंट मेरी की प्रधानाचार्य पर हाईकोर्ट के आदेश के बाद भी विद्यार्थियों से वसूली गई फीस से 15 फीसदी धनराशि वापस न करने का आरोप है। डीआईओएएस ने इस संबंध में उन्हें नोटिस जारी किया है। महंगी और निर्धारित दुकानों पर किताबें मिलने की शिकायत पर पहुंची टीम को भी सेंट मेरी प्रशासन ने जांच नहीं करने दी थी।
डीआईओएस डॉ. अरुण कुमार दुबे ने बताया कि शहर निवासी डॉ. संकल्प वशिष्ठ ने शिकायत की है कि उनकी दो बेटियों अस्मिता वशिष्ठ और तान्या वशिष्ठ की वर्ष 2020-21 में ली गई फीस की 15 फीसदी धनराशि स्कूल प्रबंधन ने वापस नहीं की है। जबकि वह इसका कई बार अनुरोध कर चुके हैं। जिला विद्यालय निरीक्षक ने बताया कि हाईकोर्ट के निर्देश के क्रम में शासन ने भी स्कूलों को वर्ष 2020-21 में ली गई फीस में से 15 फीसदी शुल्क वर्तमान शैक्षिक सत्र में अध्ययनरत विद्यार्थियों के शुल्क में समायोजित करने तथा अध्ययन के बाद विद्यालय छोड़ चुके विद्यार्थियों को वापस करने के आदेश दिए गए हैं।
डीआईओएस ने इस संबंध में सेंट मेरी की प्रधानाचार्य को नोटिस जारी करते हुए एक मई को 12 बजे तक इस संबंध में स्पष्टीकरण तलब किया है। चेतावनी दी है कि अगर स्पष्टीकरण संतोष जनक नहीं मिला तो उनके विरुद्ध शुल्क नियामक अधिनियम 2018 के अंतर्गत कार्रवाई की जाएगी।