मुरादाबाद। शिक्षा निदेशक बेसिक ने निजी स्कूलों की मान्यता लंबित रखने के मामले में मंडल के चार जिला बेसिक शिक्षा अधिकारियों को नोटिस जारी किए। मान्यता प्रकरण 30 दिन में निपटाने होते हैं, जबकि कई ऐसे मामले हैं, जो दो महीने से भी ज्यादा समय से लंबित हैं। पूरे प्रदेश में सबसे अधिक मान्यता मुरादाबाद में लंबित होने के कारण यहां के एडी बेसिक को भी नोटिस जारी किए गए हैं। एडी बेसिक का कहना है कि बीएसए से स्पष्टीकरण प्राप्त कर निदेशालय को भेजा जा रहा है।
शिक्षा निदेशक बेसिक अनिल भूषण चतुर्वेदी द्वारा जारी किए गए पत्र के अनुसार अशासकीय सहायता प्राप्त विद्यालयों को मान्यता दिए जाने के लिए प्रकरणों को निर्धारित समय-सीमा में निस्तारित किए जाने के निर्देश दिए गए हैं।
मान्यता के पोर्टल पर प्रदर्शित डाटा के अनुसार अधिक संख्या में प्रकरण जनपदीय, मंडलीय समिति पर डिफाल्टर प्रदर्शित हो रहे हैं जो शासनादेश का स्पष्ट रूप से उल्लंघन है। 18 अक्तूबर को भी पत्र भेजकर प्रकरणों को लंबित रखने के संबंधी में स्पष्टीकरण उपलब्ध कराए जाने के निर्देश दिए गए थे, लेकिन स्पष्टीकरण उपलब्ध नहीं कराए गए। उन्होंने एडी बेसिक और बीएसए को निर्धारित सीमा में प्रकरण निस्तारित नहीं करने का स्पष्टीकरण मांगा है।
सबसे अधिक प्रकरण संभल के
पत्र के अनुसार अमरोहा में चार स्कूलों की मान्यता लंबित है, जबकि मुरादाबाद में तीन, रामपुर में दो, संभल में 22 विद्यालयों की मान्यता के प्रकरण लंबित हैं। इसमें 56 दिन तक भी मामले लंबित दिखाए गए हैं। मुरादाबाद के अधिकारियों के अनुसार यहां के मामले निस्तारित कर दिए गए हैं।
वर्जन...
बीच में कुछ समय के लिए पोर्टल बंद हो गया था, इसलिए भी समय सीमा बढ़ गई। सभी मामले जनपदों से ही संबंधित हैं। निदेशक के निर्देशानुसार सभी बीएसए को स्पष्टीकरण का जवाब देने के लिए कहा गया है।
दिनेश यादव, एडी बेसिक