बिलारी। तहसील के मैनाठेर गांव में ग्राम समाज की भूमि पर कब्जा करने का मामला लखनऊ के विधायक द्वारा प्रदेश विधानसभा सत्र में उठाने पर तहसील प्रशासन गंभीर हो गया। प्रशासन ने अवैध कब्जा करने वाले 28 लोगों को चिह्नित कर नोटिस जारी किए गए हैं और कब्जा हटाने के लिए 15 दिन का समय दिया गया है।
राजस्व विभाग के सूत्रों के अनुसार लखनऊ मध्य विधानसभा क्षेत्र के विधायक रविदास मेहरोत्रा की ओर से प्रदेश विधानसभा के बीते सत्र में यह सवाल उठाया गया था कि मैनाठेर गांव के रकबे में ग्राम समाज की भूमि पर कब्जे के मामले में एडीएम प्रशासन मुरादाबाद और एसडीएम बिलारी के मार्च 2023 को जारी पत्र के संदर्भ में अब तक क्या कार्रवाई की गई है। तहसीलदार बिलारी अंकित गिरी ने बताया कि विभागीय उच्चाधिकारियों के आदेश के बाद मौके पर जाकर जांच कराई गई तब पता चला कि मैनाठेर गांव में ग्राम समाज भूमि गाटा संख्या 94, 164, 234 और 235 पर लगभग 28 लोगों ने खोखे रखने के अलावा दुकानें और मकान बनाकर अवैध कब्जा कर लिया है। पूर्व में कुछ कब्जेदारों को उच्च न्यायालय इलाहबाद से रिट याचिका के जरिए स्थगन आदेश मिल गया था, लेकिन बाद में सुनवाई के दौरान रिट याचिका खारिज कर दी गई।
एसडीएम बिलारी विनय कुमार सिंह ने बताया कि तहसीलदार बिलारी की जांच आख्या के दौरान ग्राम समाज के कई गाटा संख्या पर 28 लोगों द्वारा अलग अलग तरीके से अवैध कब्जा होना पाया गया। इन सभी 28 कब्जेदारों को नोटिस जारी किया गया है और यह भी कहा गया है कि पूर्व में नोटिस जारी होने के बावजूद सरकारी भूमि से अवैध कब्जा नहीं हटाया गया। अब सभी अवैध कब्जेदारों को अपना कब्जा हटाने के लिए 15 दिन का समय दिया गया है। निर्धारित समय सीमा में सरकारी भूमि से अवैध कब्जा न हटाने पर पुलिस बल की मदद से अवैध कब्जा हटवाया जाएगा। इस कार्य पर आने पर आने वाले खर्च की वसूली अवैध कब्जेदारों से की जाएगी। उधर, ग्राम पंचायत मैनाठेर की प्रधान स्वालेह के पति मोहम्मद अरकान ने बताया कि तहसील बिलारी प्रशासन द्वारा जारी नोटिस बृहस्पतिवार शाम ग्रामीणों को मिल गए हैं। अधिकतर ग्रामीणों के निर्माण काफी पुराने हैं। तहसील प्रशासन के नोटिस का जबाव देने के लिए विधि विशेषज्ञों से राय ली जा रही है।