मुरादाबाद। अटेवा के बैनर तले जिले के शिक्षकों व कर्मचारियों ने यूपीएस के विरोध में प्रदर्शन किया। जिला अस्पताल परिसर में एकत्र होकर शिक्षकों व कर्मियों ने नारेबाजी की। संगठन के वक्ताओं ने कहा कि कर्मियों को पुरानी पेंशन से कम कुछ भी स्वीकार नहीं है। सरकार को कर्मियों को उनका हक लौटाना ही होगा।
संगठन के महामंत्री हेमंत चौधरी ने कहा कि सरकार ने 2004 में सरकार ने पुरानी पेंशन व्यवस्था को समाप्त कर शेयर बाजार पर आधारित नई पेंशन व्यवस्था को लागू किया। देश के शिक्षकों एवं कर्मचारियों की भविष्य की सुरक्षा पूंजीपतियों के हवाले की गई, जो पूर्णतः असंवैधानिक है। नई पेंशन व्यवस्था के अंतर्गत सेवानिवृत्त होने वाले शिक्षक कर्मचारी आज आर्थिक समस्याओं से जूझ रहे हैं। उन्होंने यूपीएस को नई पेंशन स्कीम से भी खराब बताया और कहा कि कर्मचारियों को इन दोनों में से कोई भी योजना स्वीकार नहीं है। डिप्लोमा फार्मासिस्ट एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष संदीप बडोला ने कहा कि पुरानी पेंशन कर्मचारियों के बुढ़ापे का सहारा है। सरकार ने इसे छीन लिया है। पुरानी पेंशन के अलावा कुछ स्वीकार करने का मतलब ही नहीं है। प्रदर्शन में मुख्य रूप से राजकीय नर्सेज संघ की अध्यक्ष पूनम मैसी, जिला मंत्री प्रतिमा शर्मा, शशांक शाही, सुशील, पुष्पा, अर्चना, मीनाक्षी, सीमा भारती, योगेश राजपूत, शिवप्रसाद रतूड़ी, राजेश पाठक आदि मौजूद रहे।