मुरादाबाद। छजलैट के बहुचर्चित हाईवे जाम और बवाल प्रकरण में मंगलवार को नूरपुर विधायक नईम उल हसन समेत तीन अभियुक्त अदालत में हाजिर हुए। जबकि विधायक हाजी इकराम कुरैशी और पूर्व मंत्री महबूब अली की ओर से हाजिरी माफी अदालत में पेश की गई। अदालत ने इस मामले में सुनवाई के लिए अगली तारीख 28 सितंबर तय की है।
एडीजीसी मुनीष भटनागर ने बताया कि छजलैट थाने के पास 12 साल पहले रामपुर के सांसद एवं सपा सरकार में मंत्री रहे आजम खां की गाड़ी रुकवाकर पुलिस ने चेकिंग की थी। वह अपने परिवार के साथ मुजफ्फरनगर में एक निजी कार्यक्रम में शिरकत करने जा रहे थे। चेकिंग के विरोध में आजम खां छजलैट थाने के सामने सड़क पर बैठ गए थे। इसकी जानकारी मिलने पर आस पड़ोस के जनपदों से भी सपा पदाधिकारी और कार्यकर्ता मौके पर पहुंच गए थे। पुलिस ने इस मामले में आजम, उनके बेटे समेत सपा के कई पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं के खिलाफ केस दर्ज किया था। इस केस की सुनवाई एमपी/एमएलए स्पेशल न्यायाधीश पुनीत गुप्ता की अदालत में चल रही है।
आजम खां और अब्दुल्ला आजम की फाइल अलग कर दी गई है। जबकि सह अभियुक्तों की फाइल की सुनवाई अलग चल रही है। मंगलवार को सह अभियुक्तों की फाइल पर सुनवाई हुई। जिसमें नूरपुर विधायक नईम उल हसन, ब्रजेश यादव और राज कुमार प्रजापति हाजिर हुए। जबकि विधायक हाजी इकराम कुरैशी और पूर्व मंत्री एवं अमरोहा के विधायक महबूब अली कोर्ट में उपस्थित नहीं हुए। उनके अधिवक्ता की ओर से हाजिरी माफी न्यायालय में पेश की गई। एडीजीसी मुनीष भटनागर ने बताया कि अब इस मामले में 28 सितंबर को सुनवाई होगी।