मुरादाबाद। निष्क्रिय कई औद्यानिक उप्पादन एवं विपणन सहकारी समितियों के नाम पर कृषि विभाग से लाइसेंस प्राप्त कर उर्वरक बिक्री का मामला उजागर होने के बाद से जिले की सभी औद्यानिक समितियों के अभिलेखों की जांच डीएम के आदेश पर शुरू कर दी गई है। इससे उर्वरक विक्रेताओं में बेचैनी है। इसको लेकर कई समितियों के पदाधिकारी बुधवार विकास भवन स्थित एआर और डीएचओ कार्यलय के चक्कर लगाते रहे।
औद्यानिक विभाग में पंजीकृत 30 समितियों में से कृषि विभाग से लाइसेंस प्राप्त कर जिले के 34 स्थनों पर उर्वरक बिक्री का कार्य करने वाली करीब 12 समितियों में से अधिकांश के निष्क्रिय होेने की खबर 30 अगस्त को अमर उजाला में प्रकाशित हुई थी। साथ ही कुछ लोगों द्वारा समिति का फर्जी पदाधिकारी बन लाइसेंस हथियाकर उर्वरक कारोबार करने का मामला भी प्रकाश में आया था। इस मामले के उजागर होने के बाद जिला कृषि अधिकारी व जिला उद्यान अधिकारी आमने-सामने आ गए थे। डीएम राकेश कुमार सिंह ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए जिला उद्यान अधिकारी से उर्वरक व्यवसाय करने वाली ऐसी समितियों की सूची मांगी है जो निष्क्रिय हैं। डीएम की इस कार्रवाई को लेकर औद्यानिक समितियों में हड़कंप है। उर्वरक व्यवसाय करने वाली कई औद्यानिक समितियों के पदाधिकारी, जिला कृषि अधिकारी कार्यालय के चक्कर लगाते रहे। कुछ पदाधिकारियों ने बुधवार जिला उद्यान अधिकारी, सहायक निबंधक सहकारी समितियां से भी भेंट की और अपनी समिति को सक्रिय बताते का दावा करते हुए अभिलेख दिखाए।
आधा दर्जन औद्यानिक समितियों के पदाधिकारियों ने कार्यालय पहुंच कर अपनी समितियों को सक्रिय बताते हुए अभिलेख प्रस्तुत किए हैं। मामले की जांच की जा रही है। एआर कोऑपरेटिव ने भी समितियों के चुनाव से संबंधित अभिलेख निकलवाया है। पूरे मामले की गहनता से पड़ताल की जाएगी। जो तथ्य सामने आएंगे उसके मुताबिक कार्रवाई की जाएगी।
- सुनील कुमार, जिल उद्यान अधिकारी।
डीएम के माध्यम से डीएचओ से निष्क्रिय समितियों की सूचना मांगी गई है। वह जिन समितियों को अपनी सूचना में निष्क्रिय बताएंगे उनका उर्वरक बिक्री का लाइसेंस तत्काल प्रभाव से निरस्त कर दिया जाएगा।
- ऋतुषा तिवारी, जिला कृषि अधिकारी।