अपने स्कूल के दिनों में कक्षा से शिक्षक के दो मिनट के लिए बाहर निकलते ही शोर मचाने वाले बच्चों में आप भी शामिल होंगे। स्कूल की कक्षाओं में शिक्षक के न होने पर बच्चों का हुड़दंग और मौज-मस्ती करना सामान्य है, लेकिन उनके लिए नहीं जो जिन्हें पढ़ाने के लिए शिक्षक ही न मिलते हों।
उत्तर प्रदेश के बरेली जिले के एक सरकारी स्कूल में पढ़ने वाले बच्चों की शिक्षा के प्रति ललक देखकर आप भी भावुक हो जाएंगे। यहां आज विद्यालय में एक भी शिक्षक उपस्थित नहीं हैं। इसके बावजूद यूनिफॉर्म और किताब-कॉपी के साथ सभी बच्चे विद्यालय पहुंचे हैं और शिक्षक की कमी को पूरा करने के लिए बड़ी कक्षा के बच्चे की छोटे बच्चों को पढ़ा रहे हैं।
दरअसल पुराने पेंशन की मांग को लेकर गुरुवार को प्रदेश के सभी शिक्षक विरोध प्रदर्शन के लिए लखनऊ पहुंचे हैं। वहां सभी शिक्षक मिलकर हड़ताल और प्रदर्शन कर रहे हैं, लेकिन इन बच्चों को इन सरकारी तामझाम से कोई मतलब नहीं है।
स्कूल में कुछ शिक्षामित्र आए हैं, जिनके भरोसे विद्यालय खुला है और बाकी की जिम्मेदारी तो बच्चों ने खुद ही अपने कंधों पर ले ली है।