मुरादाबाद। स्नान, दान और यज्ञ के लिए शुभ मानी जाने वाली सोमवती अमावस्या पर सूर्य ग्रहण है, लेकिन देश में इसका असर नहीं होने की वजह से सूतक नहीं लगेगा। ज्योतिषाचार्यों के मुताबिक सोमवती अमावस्या पंचग्रही योग में मनाई जाएगी। कोरोना संक्रमण काल में घाट पर नहीं पहुंचने वाले श्रद्धालु घर में ही गंगाजल से स्नान कर पुण्य कमा सकते हैं।
सोमवार को पड़ने वाली अमावस्या पर श्रद्धालु पवित्र नदियों में स्नान करते हैं। मुरादाबाद में रामगंगा नदी में डुबकी लगाते हैं। ज्योतिषियों के मुताबिक सोमवती अमावस्या पर वृश्चिक राशि में सूर्य, चंद्र, बुध, शुक्र व केतु की युति रहेगी। युति योग में दान, पुण्य, यज्ञ का महत्व बताया गया है। 15 दिसंबर को सूर्य धनु में प्रवेश कर जाएगा। सूर्य और धनु का मिलन रोगनाशक योग बनाएगा। मकर राशि में गुरु व शनि की युति उतार-चढ़ाव का योग बनाएगी। सिविल लाइंस राधा-कृष्ण मंदिर के मुख्य पुजारी पंडित अंबरीश पांडेय ने बताया कि सोमवती अमावस्या बहुत पवित्र है। स्नान, दान और यज्ञ का बहुत अच्छा फल मिलता है। सोमवार को वर्ष का आखिरी सूर्य ग्रहण है, लेकिन अपने देश में इसका शास्त्रीय दोष नहीं है। इसकी वजह से सूतक नहीं लगेगा। सभी ग्रह मार्गी हैं। ज्योतिषाचार्य पंडित ऋषिकेश शुक्ल ने बताया कि सुबह से दोपहर 12 बजकर 21 मिनट तक स्नान, दान शुभ रहेगा। सूर्य ग्रहण का भारतीय समयानुसार शाम सात बजकर सात मिनट से शुभारंभ रात नौ बजकर 45 मिनट पर मध्य और रात 12 बजकर 25 मिनट पर मोक्ष होगा। इसलिए अपने देश में यह दिखाई नहीं देगा और कोई प्रभाव भी नहीं है।