घर का दरवाजा बंद करता पुलिसकर्मी
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ई रिक्शा चालक इरशाद के दरवाजे पर सुबह दस्तक हुई। अंदर से जवाब नहीं मिलने पर दरवाजा तोड़ दिया गया। इसके बाद कुछ लोग अंदर घुस गए। इरशाद के साथ मोबाइल को लेकर चले गए। पत्नी शबनम का दावा है कि एक अधिकारी ने मोबाइल नंबर दिया। कहा कि एसपी के पास लेकर जा रहे हैं। मशक्कत के बाद दोपहर में बात हुई। हालांकि इरशाद किस जगह है यह नहीं बताया। उसने बताया कि अधिकारियों ने कहा कि आपके यहां से कुछ नहीं मिला है।
शहर कोतवाली के मोहल्ला पचदरा (काजीजादा) निवासी इरशाद पुत्र इश्तियाक अहमद ई-रिक्शा चलाता है। इरशाद की बीवी शबनम ने बताया कि सुबह पांच बजे हम लोग सोए थे। कमरे में कुछ लोग घुस गए। उनके अलावा कोई भी पुरुष नहीं था। महिलाएं और लड़कियां घबरा गईं। मैंने पूछा तो बताया कि अभी बताते हैं। छत पर 20 से अधिक लोग असलहे लेकर खड़े थे। उतने ही सादी वर्दी में लोग नीचे थे। इसके बाद यह लोग इरशाद को लेकर चले गए। शबनम का दावा है कि उन लोगों ने बताया कि आपके यहां कुछ नहीं मिला है। बकौल शबनम, मैंने पुलिस अफसरों के दफ्तर का चक्कर काट चुकी हूं, लेकिन उनके बारे में मालूम नहीं चल सका। सुबह में टीम के लोग ने एक मोबाइल नंबर दिया था। उस पर कई बार फोन किया, लेकिन रिसीव नहीं किया। दोपहर के बाद फोन किया तो उनसे पति इरशाद से बात हुई, मैंने जगह पूछा तो कुछ नहीं बताया।
बड़ा भाई बोला, दिमाग का चल रहा इलाज
इरशाद के बड़े भाई औरंगजेब ने बताया कि वह दिल्ली में गया था। एक रिश्तेदार का इंतकाल हुआ था। उसके जनाजे में शामिल होने गया था। जब मालूम चला तो तुरंतलौट गया। उसने बताया कि वह ई रिक्शा चला कर गुजर बसर करता है। छोटे भाई इरशाद के दिमाग का इलाज चल रहा है। उसने दावा किया कि मुरादाबाद के बाद दिल्ली में इलाज चल रहा है।
इरशाद का सुहेल से कनेक्शन
ई-रिक्शा चालक इरशाद का मुफ्ती सुहेल से कनेक्शन जोड़ा जा रहा है। सूत्रों की माने तो मुफ्ती सुहेल के मोबाइल में मिले नंबर के आधार पर इरशाद के घर कार्रवाई की गई है।