मुरादाबाद। मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना के समारोह में घपलेबाजी में हर दिन परत-दर-परत मनमानी के उदाहरण सामने आ रहे हैं। इस प्रकरण से चर्चा में आए कुंदरकी के भाजपा विधायक रामवीर सिंह के बेटे नित्यानंद ने सत्यापन रिपोर्ट पर ही सवाल उठा दिए हैं। ग्राम विकास अधिकारी (वीडीओ) के पद पर तैनात नित्यानंद का कहना है कि एक आवेदिका शमा परवीन की अर्जी पर उनके फर्जी हस्ताक्षर और मुहर का इस्तेमाल किया गया है।
इस मामले में जिला विकास अधिकारी को दिए स्पष्टीकरण में नित्यानंद का कहना है कि ललवारा गांव की आवेदिका शमा परवीन के आवेदन पर ओवरराइटिंग करके उसके (शमा के) पिता का नाम बदला गया है। स्पष्टीकरण के साथ साक्ष्य दिखाते हुए नित्यानंद ने कहा है कि उन्होंने अपात्रों की एक सूची दी थी, जिसमें शमा परवीन पुत्री मुशाहिद को अपात्र बताया था। इसी नाम की दो सूचियां देखी गई हैं, इसमें से एक में शमा परवीन के आवेदन पर पिता का नाम बदलकर मुशाहिद किया गया है। इस सूची की जानकारी उन्हें नहीं है। उन्हें गलत तरीके से फंसाया गया है। अपनी बात के समर्थन में नित्यानंद ने साक्ष्य भी प्रस्तुत किए हैं।
मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह समारोह में घपले और मनमानी सुर्खियों में आने पर पांच ग्राम विकास अधिकारियों, चार ग्राम पंचायत अधिकारियों को निलंबित कर दिया गया था। कुंदरकी ब्लॉक के एडीओ (समाज कल्याण) ललित कुमार व वीडीओ नित्यानंद से स्पष्टीकरण मांगा गया था। बुधवार को नित्यानंद के स्पष्टीकरण से नया मोड़ आ गया है। योजना के लिए आए आवेदन और उनके सत्यापन में भी मनमानी का खेल सामने आ रहा है। इन स्थितियों से समाज कल्याण विभाग की भूमिका की तरफ सवालिया निगाहें बढ़ रही हैं। पूर्व में निलंबित ग्राम विकास अधिकारियों व ग्राम पंचायत अधिकारियों ने भी ज्ञापन देकर समाज कल्याण की गड़बड़ियां खुद पर थोपे जाने के आरोप लगाए थे।
00
नित्यानंद द्वारा प्रस्तुत साक्ष्य सच लग रहे हैं
जिला विकास अधिकारी गोविंद बल्लभ पाठक ने बताया कि एक आवेदिका के शादी आवेदन के गलत सत्यापन पर कुंदरकी ब्लॉक के ग्राम विकास अधिकारी नित्यानंद ने अपना स्पष्टीकरण दे दिया है। इसके साथ कुछ साक्ष्य भी प्रस्तुत किए हैं, जिन्हें देखकर लगता है कि शमा परवीन का यह आवेदन जो विवाह सूची में शामिल किया गया है, उसे नित्यानंद ने सत्यापित नहीं किया है। इस पर नित्यानंद के हस्ताक्षर व मुहर किसी अन्य ने लगाकर उनके नाम का दुरुपयोग किया गया है। इन दिनों सोशल मीडिया पर शमा परवीन के दो आवेदन वायरल हो रहे हैं। इसकी जांच अब जिला समाज कल्याण अधिकारी कार्यालय से की जाएगी कि आखिर दो आवेदन कैसे आए और मुहर लगाकर फर्जी हस्ताक्षर किसने किए।
00
जांच में सामने आएगा सच:ललित
स्पष्टीकरण मुझसे भी मांगा गया है, जिसका शीघ्र जवाब दाखिल करूंगा, जहां तक ग्राम विकास अधिकारी नित्यानंद द्वारा आवेदन पर अपने हस्ताक्षर व मुहर फर्जी बताने का मामला है, यह जांच में स्पष्ट हो जाएगा।
- ललित कुमार, सहायक विकास अधिकारी (समाज कल्याण) कुंदरकी