मुरादाबाद। ई-बसों का संचालन शुरू होने के बाद तीन साल में नगर निगम एक ही स्थान पर तीसरी बार ई-बस स्टैंड बनाने जा रहा है। कुछ स्थानों पर 2018 में बने स्टैंड्स तोड़े गए हैं। शेष स्थानों पर पुराने स्टैंड के पास ही नए स्टैंड बनाए जा रहे हैं, जो स्टैंड तोड़े गए हैं, वह जर्जर नहीं थे। लोगों ने इसे स्मार्ट सिटी के धन की बर्बादी बताते हुए सवाल उठाए हैं।
पहले से मौजूद स्टैंड्स को हटाने की बजाय अन्य स्थानों पर नए स्टैंड बनाए जा सकते हैं, लेकिन ऐसा नहीं किया गया। दिल्ली रोड पर एक स्टैंड दो साल पहले व दूसरा एक साल पहले बनाया गया था। अब उससे महज 50 मीटर दूर तीसरा ई-बस स्टैंड बनाया जा रहा है। निगम का तर्क है कि यह पुराने स्टाइल के स्टैंड भद्दे नजर आते थे। अब आधुनिक डिजायन वाले नए स्टैंड 35 स्थानों पर बनाए जा रहे हैं।
सूत्रों के मुताबिक प्रत्येक स्टैंड को बनाने में करीब एक लाख रुपये खर्च हो रहे हैं, हालांकि निगम ने इसकी पुष्टि नहीं की है। 2021 से ई-बसों का संचालन शुरू होने के बाद तीसरी बार शहर में ई-बस स्टैंड बनाए जा रहे हैं। हर 10 किमी पर ई-बसों के लिए चार्जिंग प्वाइंट बनाने का दावा किया गया था, वह अब तक पूरा नहीं हो सका है।
इन स्थानों पर पहले से बने हैं ई-बस स्टैंड
गुलाबबाड़ी, हनुमान मूर्ति तिराहा, पीतलनगरी बस स्टैंड, डबल फाटक, चड्ढा मोड़, रेलवे स्टेशन, कपूर कंपनी, फव्वारा चौक, कॉसमॉस अस्पताल, गांगन तिराहा, चौधरी चरण सिंह चौक और मझोली चौक।
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पहले बने स्टैंड भद्दे दिखने लगे थे और पुरानी डिजायन के थे। 11 स्थानों से पुराने स्टैंड हटाए गए हैं। इन्हें हटाकर 35 स्थानों पर नए स्टैंड बनाए जा रहे हैं। पीपीपी मोड पर यह कार्य किया जा रहा है।
- अजीत कुमार, अपर नगर आयुक्त