मुरादाबाद। सिविल लाइंस थाना क्षेत्र के एक नामी स्कूल की शिक्षिका के एआई (आर्टीफिशियल इंटेलीजेंस) से अश्लील फोटो बनाकर वायरल करने के आरोपी दोनों छात्रों को स्कूल से निलंबित कर दिया गया है। मामले की जांच के लिए स्कूल की ओर से पांच सदस्यीय समिति बनाई गई है। प्रभारी प्रधानाचार्य का कहना है कि समिति सोमवार को रिपोर्ट देगी।
कक्षा नौ के दो छात्रों ने एक शिक्षिका के एआई से अश्लील फोटो बनाकर इंस्टाग्राम और व्हॉट्सएप पर वायरल कर दिए। घटना की जानकारी भी कक्षा के ही एक छात्र ने शिक्षिका को दी थी। 25 सितंबर को छात्र ने शिक्षिका को बताया कि दूसरे ग्रुप के छात्रों ने उनके अश्लील फोटो बना लिए हैं। शिक्षिका ने मामले की जानकारी प्रधानाचार्य को दी। प्रधानाचार्य ने जब आरोपी छात्रों को फटकार लगाई तो उन्होंने घटना को अंजाम देने की बात स्वीकार कर ली।
कड़ाई से पूछताछ में आरोपी दोनों छात्रों ने बताया कि उन्होंने इस ग्रुप को अगस्त में बनाया था। इस ग्रुप में कक्षा के ही 14 अन्य छात्रों को भी जोड़ लिया था। पढ़ाई के बहाने अभिभावकों से फोन लेकर छात्र इस ग्रुप में अश्लील चैटिंग करने के अलावा फोटो भी बनाते थे। पूछताछ में छात्रों ने स्वीकार किया कि उन्होंने अन्य छात्राओं और शिक्षिकाओं के भी अश्लील फोटो बनाए थे, लेकिन बाद में डिलीट कर दिए।
अभिभावकों के फोन का करते थे इस्तेमाल
स्कूल पहुंचे आरोपी छात्रों के अभिभावकों को घटना के बारे में बताया गया तो उन्होंने कहा कि उनके बच्चों के पास कोई फोन नहीं है। ऐसे में वह इस तरह की घटना को अंजाम नहीं दे सकते। शिक्षकों ने जब छात्रों से पूछताछ की तो उन्होंने बताया कि स्कूल कार्य करने के बहाने अभिभावकों का फोन लेते थे और रात नौ बजे सभी छात्र उस ग्रुप से जुड़ते थे। शिक्षकों ने अपने सामने जब ऑनलाइन ग्रुप खुलवाया तो उसमें शिक्षिका के बनाए फोटो सबके सामने आ गए।
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अन्य छात्रों की भूमिका की जांच करेगी समिति
घटना की जांच के लिए स्कूल की ओर से पांच सदस्यीय आंतरिक समिति बनाई गई। यह समिति घटना में अन्य छात्रों की भूमिका की भी जांच कर रही है, क्योंकि यह बात भी सामने आ रही है कि फोटो वायरल करने में अन्य छात्र भी शामिल रहे हैं। इसलिए समिति विस्तारपूर्वक जांच कर सोमवार को अपनी रिपोर्ट प्रधानाचार्य को साैंपेगी। उसके बाद अन्य छात्रों पर भी कार्रवाई हो सकती है।
आरोपी दोनाें छात्रों को स्कूल से निलंबित कर दिया गया है। अभिभावकों और बच्चों की काउंसिलिंग करवाई जा रही है। इसके लिए छोटे-छोटे ग्रुप बनाए गए हैं और उसी के हिसाब से अभिभावकों को बुलाया है। काउंसिलिंग के लिए विशेषज्ञों की मदद ली जा रही है। आगे की कार्रवाई आंतरिक समिति की रिपोर्ट के आधार पर की जाएगी। - प्रभारी प्रधानाचार्य
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सामूहिक जिम्मेदारी से बच्चों को सही रास्ता दिखाएं
मनोरोग विशेषज्ञ डाॅ. अनंत राणा का कहना है कि अभिभावक स्वयं फोन में व्यस्त रहते हैं। इसलिए बच्चे भी फोन के आदी हो गए हैं। बच्चों द्वारा फोन का इस्तेमाल किए जाने के बाद अभिभावक उसे चेक नहीं करते हैं। आजकल के बच्चों को सबकुछ पता है, क्योंकि इंटरनेट पर सब उपलब्ध है, लेकिन वह अच्छे और बुरे में फर्क करना नहीं समझ पा रहे हैं। इस घटना में अभिभावक, शिक्षक, समाज, सरकार सभी जिम्मेदार हैं। सभी को अपनी-अपनी भूमिका पर गंभीरता से सोचना होगा। दोषारोपण करने के बजाय आपसी सामंजस्य से बच्चों को भटकने से रोकना होगा। स्कूलों में अकेडमिक्स के बजाय एक्स्ट्रा कैरिकुलम पर ध्यान केंद्रित करना होगा। तभी बच्चे अपना सफल जीवन जी पाएंगे।
वहीं मनोविश्लेषक डाॅ. मीनू मेहरोत्रा ने कहा कि इस घटना के पीछे अभिभावकों की अनदेखी व संवादहीनता है। अभिभावक शिक्षकों से नंबरों और परिणाम पर बात करते हैं, लेकिन नैतिकता पर बात नहीं होती। परिवारों में बुजुर्गों का साथ न होना बच्चों को अहंकारी और निरंकुश बना देता है। ऐसे में जब कोई उनकी गलतियों के लिए डांटता है तो वह सुधरने के बजाय उस व्यक्ति को ही नुकसान पहुंचाने के तरीके ढूंढते हैं। हर समय फोन में व्यस्त रहने की वजह से उनके आसपास संस्कारविहीन समाज हो गया है। बच्चों पर समाज, स्कूल और माता-पिता को निगरानी रखना जरूरी है। हर शनिवार को बाल सभाएं होनी चाहिए, ताकि नैतिक शिक्षा की जानकारी बच्चों को हो सके।
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हर छोटी बात पर टोकती थीं मैम, इसलिए बनाए अश्लील फोटो
- शिक्षिका का बच्चों के कॅरिअर के बारे में चिंता करना बना नाराजगी की वजह
अमर उजाला ब्यूरो
मुरादाबाद। सिविल लाइंस के एक स्कूल की शिक्षिका के अश्लील फोटो बनाकर वायरल करने के पीछे की वजह शिक्षिका द्वारा बच्चों को अनुशासन में रखने के लिए की जाने वाली टोकाटाकी रही। स्कूल द्वारा गठित समिति की अब तक की जांच में सामने आया है कि शिक्षिका द्वारा गलतियों पर टोके जाने से नाराज होकर छात्रों ने इस घटना को अंजाम दिया।
स्कूल प्रशासन ने बताया कि शिक्षिका बच्चों की पढ़ाई के प्रति बहुत गंभीर और समर्पित हैं। उन्हें फिक्र रहती है कि बच्चे स्कूल आकर इधर-उधर की बातों के बजाय पढ़ाई पर ध्यान केंद्रित करें। वह बार-बार छात्रों को नसीहत देती थीं और बच्चों के व्यवहार को लेकर चौकन्ना रहती हैं। यदि कोई बच्चा पढ़ाई में बेहतर नहीं कर पाता था तो वह बच्चे के अलावा अभिभावकों से भी इसकी चर्चा करती हैं। घटना के बाद जब बच्चों से स्कूल में पूछताछ की गई तो उन्होंने बिना झिझके कहा कि मैम हर छोटी बात पर टोकती थीं, इसलिए उनके अश्लील फोटो बना दिए।