जार-जार रो रहा अब्दुल रहमान, परिजन भी हैं परेशान
मेडिकल स्टोर संचालक भीकनपुर कुलवाड़ा निवासी शाहिद हुसैन का पूरा परिवार एक दिन पहले तक काफी खुश था। शाहिद हुसैन ने पत्नी रेहाना बेगम, बेटी इल्मा परवीन (18), बेटे अबूबकर (16) और अब्दुल रहमान (11) के साथ हजयात्रा पर जाने के लिए आवेदन किया था। सभी की धनराशि जमा की जा चुकी है। ट्रेनिंग भी ले चुके हैं। शाहिद हुसैन और उनके अन्य रिश्तेदार पूरे परिवार के हजयात्रा पर जाने की तैयारी से काफी खुश थे।
शाहिद हुसैन ने बताया कि हज कमेटी ऑफ इंडिया से रविवार फोन आने पर उन्हें बेटे अब्दुल रहमान का आवेदन रद्द कर देने की जानकारी मिली। उसके बाद से मायूसी छा गई। अब्दुल रहमान का रो-रो कर बुरा हाल है। शाहिद हुसैन का कहना है कि अगर 12 साल से कम उम्र के बच्चों का आवेदन रद्द करना था तो पहले आवेदन ही नहीं लेना चाहिए था। हज की खुशी के साथ बेटे को छोड़ कर जाना तकलीफ भी दे रहा है। अब उन्हें अपने बेटे को छोड़ कर जाना होगा।
अब संभल की दरगाह पर विवाद: सरकारी भूमि पर बने होने का दावा, मुतवल्ली बोले- वक्फ की संपत्ति, जांच हो गई शुरू
40 दिन माता-पिता से दूर रहेगा छह साल का बेटा
हज कमेटी ऑफ इंडिया से फोन आने के बाद इंद्रा चौक निवासी डेरी संचालक शाहिद हुसैन खासे परेशान हैं। वजह यह है कि बड़ी खुशी के साथ पूरा परिवार हज यात्रा पर जाने की तैयारी कर चुका था। शाहिद हुसैन ने पत्नी नाजुक के साथ इकलौते बेटे रयान (6) को भी ले जाने की सभी तैयारी कर ली थी। अब वह काफी परेशान हैं। उन्होंने कहा कि अब बेटे को चाचा-चाची के पास छोड़ कर जाना होगा।
करीब 40 दिन छह साल का बेटा अपने माता-पिता से दूर रहेगा। शाहिद ने बताया कि बच्चे की मां इस खबर के मिलने के बाद से काफी परेशान हैं। उनका कहना है कि उन्हें बच्चे की और बच्चे को उनकी याद सताती रहेगी। शाहिद का कहना है कि हज कमेटी ऑफ इंडिया को इस संबंध में सऊदी अरब सरकार से बात करनी चाहिए।
हज कमेटी ऑफ इंडिया ने सर्कुलर जारी कर जानकारी दी है कि 12 वर्ष से कम उम्र के बच्चों को सऊदी अरब सरकार द्वारा वीजा नहीं दिया जा रहा है। जिसकी वजह से देश भर के 291 बच्चों के हज आवेदन रद्द कर दिए गए हैं। मुरादाबाद के दो बच्चे भी इसमें शामिल हैं। हजयात्रा के लिए जिले से 1579 आजमीनों का चयन हुआ है। 30 अप्रैल से हजयात्रा पर जाने के लिए उड़ान भी तय हो गई है।
- फैजान अतहर, हज ट्रेनर