रामपुर। कोरोना वायरस से प्रभावित चीन के वुहान शहर में फंसे प्रोफेसर दंपती समेत 80 भारतीयों की शुक्रवार को भी वतन वापसी नहीं हो सकी। भारत से विशेष विमान गुरुवार की रात दिल्ली से वुहान के लिए उड़ान भरने वाला था, लेकिन अपिरहार्य कारणों के चलते उड़ान नहीं भर सका। अब विमान कब उड़ान भरेगा और वुहान में फंसे भारतीयों को कब वापस लाएगा, इसको लेकर दूतावास से भी कोई जानकारी नहीं दी गई है।
सिविल लाइंस थाना क्षेत्र की शिवापुरम निवासी शैतान सिंह की बेटी नेहा, एटा जनपद निवासी अपने पति आशीष यादव के साथ वुहान शहर में फंसी हुई हैं। नेहा के मुताबिक वुहान में करीब 80 भारतीय फंसे हुए हैं, जिन्हें एयरलिफ्ट किया जाना है। आशीष और नेहा ने सोशल मीडिया के जरिए भारत तक मदद का संदेश भेजा तो यहां पर भी सांसद और विदेश मंत्रालय की सक्रियता पर आशीष-नेहा समेत 80 भारतीयों की वतन वापसी की तैयारियां शुरू हुईं। उन लोगों को पहले बुधवार को भारत वापस बुलाने की जानकारी दी गई और इसके बाद शुक्रवार को वापस बुलाने की जानकारी दी गई थी। जिसके लिए चिकित्सा सामग्री पहुंचाने के लिए गुरुवार की रात को भारत से एक विशेष विभान रवाना होना था लेकिन वह शुक्रवार दोपहर तक नहीं पहुंच सका। शुक्रवार को दोपहर करीब दो बजे (भारतीय समयानुसार) जब नेहा यादव से संपर्क किया गया, तो उन्होंने बताया कि अभी तक उनके पास दूतावास से कोई फोन नहीं आया है। वुहान में फंसे भारतीयों के समूह में धैर्य बनाए रखने और जल्द मदद का संदेश जरूर दिया गया है। उन्होंने बताया कि दिल्ली में जब इस संबंध में वार्ता की गई तो जानकारी मिली कि विमान तकनीकी कारणों से दिल्ली में ही खड़ा है।
उधर सोशल मीडिया प्रोफेसर दंपती के फंसे होने का मामला तेजी से वायरल होने पर पीएमओ कार्यालय हरकत में आ गया था।पीएम नरेंद्र मोदी ने विदेश मंत्रालय के अफसरों को प्रोफेसर दंपती समेत अन्य लोगों को वापस स्वदेश लाने के निर्देश दिए थे।