पदाधिकारियों का कहना है कि विभाग ने बिना नोटिस दिए, बिना स्पष्टीकरण मांगे नीमा के सदस्यों के खिलाफ एफआईआर कराई है। 11 मई को डिप्टी सीएमओ डॉ. नरेंद्र चौधरी ने रामपुर रोड स्थित सनराइज अस्पताल व एआर अस्पताल के संचालक डॉ. सबा अंसारी व डॉ. शकील अहमद के खिलाफ एफआईआर कराई थी। डिप्टी सीएमओ के मुताबिक उन्हें मौके पर एलोपैथिक दवाइयां, पैथोलॉजी लैब, अल्ट्रासाउंड सेंटर चलता मिला था। जबकि दोनों अस्पतालों में सिर्फ यूनानी व आयुष पद्धति से इलाज हो सकता था। अस्पतालों में बेड पर मरीज भर्ती मिले, जिनका उपचार चल रहा था। डॉ. नरेंद्र का कहना है कि अल्ट्रासाउंड सेंटर जिन रेडियोलॉजिस्ट के नाम पर पंजीकृत था, उनका देहांत हो चुका है।
इसके बावजूद जांच की जा रही थीं। उनके पास मौके की वीडियो रिकॉर्डिंग भी हैं। इसके अलावा अस्पतालों का पंजीकरण भी मार्च 2024 में खत्म हो चुका था, जोकि रीन्यू नहीं कराया गया। इन सब तथ्यों को आधार बनाते हुए कार्रवाई की गई। जबकि संगठन के सचिव डॉ. नाजिम खान का कहना है कि अस्पताल संचालकों के पास प्रोविजनल रजिस्ट्रेशन है, जोकि कोर्ट में मान्य होता है। कई एलोपैथिक दवाइयां ऐसी हैं, जिन्हें कोई भी डॉक्टर लिख सकता है। विभाग को यदि खामियां मिली थीं तो व्यवस्था के तहत नोटिस जारी करना चाहिए था। डॉक्टरों से स्पष्टीकरण मांगना चाहिए था, लेकिन एक पक्षीय कार्रवाई की गई। संगठन ने अपने डॉक्टरों के पक्ष में सभी दस्तावेज सीएमओ कार्यालय में उपलब्ध करा दिए हैं। यदि एफआईआर वापस नहीं ली गई तो संगठन के सदस्य बुधवार से सीएमओ कार्यालय पर धरना प्रदर्शन करेंगे।
- हमारे पास अस्पतालों के सभी दस्तावेज उपलब्ध हैं। विभागीय अधिकारी की ओर से धन के लालच में एक पक्षीय कार्रवाई की गई है। हमने अपने पक्ष में सभी कागज पेेश कर दिए हैं। संगठन की छवि को धूमिल करने वाली एफआईआर वापस नहीं ली गई तो नीमा की ओर से सीएमओ कार्यालय पर धरना दिया जाएगा।- डॉ. नाजिम खान, सचिव नीमा
- दोनों अस्पतालों के खिलाफ हमारे पास पर्याप्त साक्ष्य हैं। वीडियो रिकॉर्डिंग भी है। संगठन बिना वजह दबाव बनाने का प्रयास कर रहा है। इन्होंने जो साक्ष्य अब पेश किए हैं, विवेचक के सामने रख दिए जाएंगे। हम किसी कीमत पर एफआईआर वापस नहीं लेंगे। - डॉ. नरेंद्र चौधरी, डिप्टी सीएमओ