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ननिहाल में रहने से बच गई नवनीत की जान

सार

ननिहाल में रहने से बच गई नवनीत की जानगजरौला (अमरोहा)।पति की मौत के बाद मिथलेश ने बेटे की जान को खतरा बताया था।मृतका मिथलेश के मायके वालों का आरोप है कि पवन के साथ भी उसके भाई और पिता आए दिन मारपीट करते थे।
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ननिहाल में रहने से बच गई नवनीत की जान
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गजरौला (अमरोहा)। कांकाठेर में सिर कुचल कर मां-बेटी की हत्या की खबर से हर कोई सन्न रह गया। पति की मौत के बाद मिथलेश ने बेटे की जान को खतरा बताया था। इसी आशंका के चलते सात साल पहले उसने बेटे नवनीत को अपने मायके भेज दिया था। ग्रामीणों ने कहा कि नवनीत की ननिहाल में रहने से जान बच गई।
रेलवे के सेवानिवृत्त कर्मचारी नानक सिंह के चार बेटों में सबसे छोटे पवन की शादी 2008 में मिथलेश संग की गई। 2013 में पवन की बीमारी से मौत हो गई। मृतका मिथलेश के मायके वालों का आरोप है कि पवन के साथ भी उसके भाई और पिता आए दिन मारपीट करते थे। मौत से पहले भी भाइयों और पिता ने जमकर पिटाई की थी। जिसके बाद उसकी हालत बिगड़ गई और वह बीमार रहने लगा था। काफी इलाज करने के बाद भी पवन ठीक नहीं हुआ था। पिटाई से ही उसकी मौत हुई। पवन की मौत के बाद मिथलेश और उसके मायके वालों को नवनीत की जान को खतरा लगने लगा। इसी आशंका के चलते सात साल पहले उसे नाना और मामा बांहपुर ले गए। उसका वहीं पालन पोषण हो रहा। मां-बेटी की हत्या हो जाने पर भीड़ में शामिल लोगों ने कहा कि मां के साथ यदि नवनीत होता तो उसकी भी हत्या हो सकती थी। उसकी जान इसलिए बच गई वह अपनी ननिहाल में रहता था।
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सात महीने पहले जेठ ने तोड़ दिया था मिथलेश का हाथ
गजरौला। नानक सिंह के बेटे शेर सिंह व श्याम अलग-अलग रहते हैं जबकि नानक सिंह और उनकी पत्नी अपने दिव्यांग बेटे कमल सिंह के साथ रहते हैं। ग्रामीणों ने पुलिस को बताया कि नानक सिंह और उसके तीनों बेटे कमल सिंह, शेर सिंह और श्याम सिंह आपस में अच्छे संबंध रखते हैं जबकि मिथलेश से सभी दूरी बनाकर रखते थे। उससे लड़ते झगड़ते थे। सात महीने पहले जेठ शेर सिंह से मिथलेश का विवाद हो गया था। तब उसने मिथलेश के साथ मारपीट कर उसका हाथ तोड़ दिया था। गांव में बैठी रिश्तेदारों और संबंधियों की पंचायत ने मामला रफा दफा कराया था।
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