बिलारी। नगर के मोहल्ला ठाकुरान स्थित शहीदे आजम पार्क में आयोजित शोहदाए कर्बला कांफ्रेंस में उलमाओं ने मुसलमानों से कहा कि हजरत इमाम हुसैन की शहादत से सबक हासिल करना चाहिए। कांफ्रेंस की शुरुआत तिलावते कलामे पाक से हुई। बाद में रसूले अकरम की शान में नात शरीफ पढ़ी गई। उलमाओं ने कहा कि हजरत इमाम हुसैन ने यजीद के अन्यायपूर्ण शासन के खिलाफ लड़ाई लड़ी। उन्होंने सच्चाई और इंसानियत की हिफाजत के लिए शहादत देकर हमेशा के लिए इस्लाम को मजबूत कर दिया। उलमाओं ने कहा कि मुसलमान कुरआने पाक की हिदायतों को मानने और रसूले अकरम की सुन्नतों पर चलें। कांफ्रेंस में मुफ्ती आकिल हुसैन, मौलाना शादाब नईमी आदि उलमाओं ने तकरीर की। निजामुददीन अत्तारी ने संचालन किया। कांफ्रेंस आयोजन में इदरीश फारूकी, शमीम फारूकी, सगीर फारूकी, सरताज फारूकी,नदीम अंसारी, हाजी अंसार, हाजी उस्मान, हाजी नसीर अहमद, जैनुल आबेदीन, हाजी सुब्हान अली, तस्लीम अहमद आदि का सहयोग रहा। कांफ्रेंस के अंत में हजरत इमाम हुसैन की शहादत की याद में फातिहा पढ़ी गई।