तुलबा सिंह का कुनबा खुशियों से फूले नहीं समा रहा है। दोस्ती और भाईचारे के मिसाल बने रागिब का खून कुनबे में तेरह बहनों का भाई बनकर पहुंचा है। इस बार रक्षा बंधन पर बारह दिन के ओम कुमार की कलाई पर तेरह बहनों की राखियां सजेगी। परिवार में ओम के आने से खुशी का माहौल है। वहीं रागिब और रोहताश की दोस्ती के भी चर्चाएं हैं।
नौगांवा सादात थानाक्षेत्र के गांव अलीपुरा कला निवासी तुलबा सिंह के तीन बेटे हैं। बड़े बेटे विक्रम सिंह की नौ बेटियां है। जबकि दूसरे नंबर के रोहताश की चार बेटियां हैं। वहीं छोटे बेटे मनोज की डेढ़ साल पहले शादी हुई है। उसे अभी कोई संतान नहीं है। तुलबा सिंह का वंश आगे बढ़ाने के लिए उनका कोई पोता नहीं है। रोहताश ने परिवार का दर्द अपने तीन साल पुराने रायपुर खुर्द निवासी दोस्त रागिब अली से चर्चा की। इसके बाद रागिब ने 11 दिन पहले जन्मे अपने बेटे को रोहताश को देने का फैसला कर लिया। बुधवार को सारी औपचारिकता पूरी कर रागिब के 11 दिन के बेटे को रोहताश ने गोद ले लिया। रोहताश ने बेटे का नाम ओम रखा है। तुलबा सिंह के परिवार में ओम की आमद से तेरह बहनों को भाई मिल गया। परिवार में खुशी का माहौल है। आने वाले रक्षाबंधन पर नन्हें ओम की कलाई राखियों से सजी होगी।
खुशियों के माहौल में गुजरा ओम का पहला दिन
नन्हीं जान ओम का पहला दिन रोहताश के घर में खुशियों के माहौल में गुजरा। हर कोई ओम को देखने को उत्सुक दिखा। वहीं गाय का दूध पिलाकर ओम की भूख का शांत किया गया।
रोहताश के घर में गुरुवार को नन्हें ओम का पहला दिन था। परिवार में खुशी का माहौल था। परिवार में ओम के आने की खबर मिलने पर रोहताश के घर में गांवों वालों की भीड़ जुट गई। हर कोई ओम को देखने को उतावला दिखा। रोहताश की बेटियां भी नन्हा भाई पाकर खुशी से फूले नहीं समा रही थी। बहनें भी दिनभर ओम के इर्दगिर्द की घूमती रही। वहीं ओम को भूखने पर गाय का दूध पिलाया गया।
पिता और पत्नी के साथ गोद लेने पहुंचा था रोहताश
रागिब अली के बेटे को गोद लेने की औपचारिकता बुधवार को पूरी की गई। बच्चे को गोद लेने के लिए रोहताश पत्नी संगीता और पिता तुलबा सिंह के साथ नौगांवा तहसील पहुंचा था।