मुरादाबाद। जन्म लेते ही नवजात की गला रेत कर हत्या कर दी गई। उसके शव को कूड़े के ढेर में फेंक दिया गया। शुक्रवार सुबह लोगों ने कुत्तों को शव को नोंचते हुए देखा तो इ स सनसनीखेज घटना की जानकारी हुई। पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे को कब्जे में पोस्टमार्टम कराया। जिससे पता चला कि नवजात का गला किसी धारदार हथियार से रेता गया था।
समाज को शर्मसार कर देने वाली इस घटना सिविल लाइंस के हिमगिरी कालोनी की है। शुक्रवार सुबह लोगों ने देखा कि कि कूड़े के ढेर में कुत्ते नवजात के शव को नोंच रहे हैं। कुछ ही देर में मौके पर भीड़ जुट गई इसके बाद पुलिस को सूचना दी गई। पुलिस मौके पर पहुुंची और पुलिस ने शव कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम कराया। शुक्रवार शाम आई पोस्टमार्टम रिपोर्ट से पता चला कि नवजात के गले को किसी धारदार हथियार से रेता गया था। एएसपी दीपक भूकर ने बताया कि शुक्रवार सुबह शव मिला था। पोस्टमार्टम कराया गया है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर कार्रवाई की जाएगी।
अपने ही तो नहीं बन गए जान के दुश्मन
नवजात की हत्या की घटना ने लोगों को झकझोर दिया। घटनास्थल पर जुटी भीड़ में मौजूद महिलाएं तो जन्म देने वाली मां को ही कोस रहीं थी। उनका कहना था कि जब बच्चे को जिंदा नहीं रखना तो जन्म ही क्यों दिया। परिस्थितियां नवजात की हत्या में अपनों का हाथ होने की ज्यादा संभावना जता रही हैं। क्योंकि अगर शिशु को किसी अस्पताल या घर से चोरी कर मारा कर यहां फेंका गया होता तो कोई न कोई थाने पहुंचकर पुलिस को सूचना देता। शहर के किसी भी थाने में ऐसी कोई तहरीर नहीं आई है।
पहले भी फेंक गए जा चुके हैं नवजातों के शव
मुरादाबाद। जनपद में पहले भी नवजात शिशुओं की हत्या कर शव फेंके गए हैं। इससे पहले मझोला क्षेत्र में लोकोशेड पुल के पास एक नवजात का शव मिला था। पोस्टमार्टम में हत्या की पुष्टि हुई थी। इसके अलावा गलशहीद क्षेत्र में नाले से शिशु का शव बरामद हुआ था। इस शिशु को मारने के बाद फेंका गया था।
चौबीस घंटे में मुरादाबाद में जन्म लेते हैं 282 शिशु
मुरादाबाद। मुरादाबाद जिले के सरकारी और निजी अस्पतालों में एक दिन में लगभग 282 शिशु जन्म लेते हैं। मुख्य चिकित्सा अधिकारी डा. मीलिंद गर्ग के मुताबिक जिले में 116 निजी अस्पताल पंजीकृत हैं। इनमें औसतन प्रतिदिन 230 से 240 डिलीवरी होती हैं। 40 से 45 डिलीवरी सरकारी अस्पतालों में होती हैं।