फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

फरार हत्यारोपी ने चुनाव लड़ा और लड़वाया, 24 साल बाद पुलिस के हाथ आया

विज्ञापन
हत्यारोपी शारिक से पूछताछ करते एसपी सिटी। - फोटो : CITY
विज्ञापन
मुरादाबाद। कटघर में 31 अक्तूबर 1996 में दिन दहाड़े बीएससी के छात्र आरिफ की गोली मारकर हत्या करने का आरोपी संभल का पूर्व सभासद शारिक 24 साल बाद पुलिस के हत्थे चढ़ गया। वर्तमान में आरोपी की पत्नी संभल नगर पालिका में सभासद है। आरोपी ने अपनी फरारी उत्तर प्रदेश, दिल्ली और उत्तराखंड में काटी, लेकिन कभी पुलिस की गिरफ्त में नहीं आया। खास बात है कि अधिकांश समय आरोपी ने संभल में ही बिताया है। बुधवार दोपहर बाद पुलिस ने आरोपी को अदालत में पेश किया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया है।
विज्ञापन

पुलिस अधीक्षक नगर अमित आनंद ने बुधवार दोपहर पुलिस लाइन सभागार में प्रेस वार्ता की। उन्होेंने बताया कि 31 अक्तूबर 1996 में कटघर क्षेत्र में संभल चौराहे पर दिन दहाड़े आरिफ निवासी खग्गू सराय जनपद संभल की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। जबकि उसके दोस्त जुनैद खां निवासी तबेला थाना मुगलपुरा पर जानलेवा हमला किया गया था। आरिफ हिंदू कालेज में बीएससी द्वितीय वर्ष का छात्र था। वह घटना के समय अपने दोस्त जुनैद के साथ कालेज से लाजपत नगर लौट रहा था। इस मामले में जुनैद की ओर से कटघर थाने में केस दर्ज कराया गया था। जिसमें सभासद शारिक निवासी कोर्ट गर्वी थाना कोतवाली जनपद संभल और उसके भाई शाहिद उर्फ गुल्लू व दो अन्य के खिलाफ हत्या और जान लेवा हमले की रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी।
एसपी सिटी ने बताया कि आरोपी शाहिद और शारिक आरिफ के बहनोई शरीफ से रंजिश रखते थे। इसी रंजिश में आरोपियों ने आरिफ की हत्या की थी। घटना के बाद आरोपी फरार चल रहे थे। पूर्व सभासद शाहिद उर्फ गुल्लू ने अदालत में आत्मसमर्पण कर दिया था। जबकि आरोपी पूर्व सभासद शारिक फरार हो गया था। आरोपी शारिक पर 25 हजार का इनाम भी घोषित किया गया था। एसपी सिटी ने बताया कि ठाकुरद्वारा पुलिस और सर्विलांस सेल ने बुधवार को हत्यारोपी पूर्व सभासद शारिक को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने आरोपी को अदालत में पेश किया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया है।
विज्ञापन

हत्यारोपी के भाई को अदालत ने सुनाई है उम्रकैद की सजा
मुरादाबाद। आरिफ हत्याकांड में आरोपी पूर्व सभासद शारिक और उसके भाई शाहिद उर्फ गुल्लू के खिलाफ पुलिस ने अदालत में चार्जशीट दाखिल की थी। 13 मार्च 2019 को अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश की अदालत ने शाहिद उर्फ गुल्लू को दोषी करार देते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई थी। दोषी पर बीस हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया था।
फरार रहते हुए चुनाव लड़ा और लड़वाया, फिर भी पकड़ में नहीं आया
मुरादाबाद। 24 साल से फरार चल रहे हत्यारोपी पूर्व सभासद शारिक ने अपना फरारी का वक्त खादी और खाकी के संरक्षण में काटा। इन 24 सालों में पुलिस ने उस पर हाथ डालने का प्रयास तक नहीं किया। सरकारी कागजों पर भले ही शारिक भगौड़ा घोषित हो, लेकिन उसने संभल में रहकर न केवल अपना कारोबार किया, बल्कि बीच-बीच में खुद भी चुनाव लड़ा और अपने परिवार के लोगों को भी चुनाव लड़ाया। पूर्व की सरकारों में बड़े नेताओं के करीबी होने का शारिकने भरपूर फायदा उठाया। ये ही वजह रही कि संभल और मुरादाबाद की पुलिस ने शारिक की ओर मुड़ कर भी नहीं देखा।
हत्यारोपी शारिक संभल नगर पालिका में 1995 से 2000 तक सभासद रहा है। जबकि आरिफ की हत्या 31 अक्तूबर 1996 में हुई थी। यानी उस वक्त शारिक सभासद था। इसके अलावा उसका भाई शाहिद उर्फ गुल्लू भी सभासद रह चुका है। 2005 में शारिक ने फरारी के दौरान संभल से सभासद का चुनाव लड़ा था। वर्तमान में शारिक की पत्नी उजमा परवीन सभासद है। पूर्व की सरकारों में बड़े नेताओं के करीबी होने के बाद कुछ पुलिसकर्मियों और अधिकारियों से भी उसने रिश्ते बना लिए। जिस कारण आरोपी संभल में रह कर अपनी फरारी काटता रहा। एसएसपी प्रभाकर चौधरी ने वांछित व इनामी बदमाशों की सूची मांगी तो चौबीस साल से फरार चल रहे शारिक के नाम पर नजर आकर टिक गई। एसएसपी ने फरार आरोपी की गिरफ्तारी को टीम का गठन किया। जिसमें बुधवार को उसकी गिरफ्तारी के साथ सफलता हाथ लगी।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें