मुरादाबाद। रविवार रात और सोमवार सुबह हुई शहर में 65 मिलीमीटर बारिश में नगर निगम का ड्रैनेज सिस्टम फेल हो गया। दूसरे दिन सोमवार को भी कई इलाकों में जलभराव की समस्या बरकरार रही। कई मोहल्लों में घरों में पानी भरा रहा। वहीं बाजारों में दुकानदार दुकानों से पानी निकालते नजर आए। दूसरी ओर जलभराव के बीच बच्चों को स्कूल आना जाना पड़ाउ़ा।
शहर में रविवार की रात झमाझम बारिश हुई। इस दौरान जेल रोड, कोर्ट रोड अशोक नगर स्थित घरों में पानी घुस गया। रातभर सोने की जगह लोग घरों से पानी निकालने में व्यस्त रहे। तहसील के नजदीक निहाररियान, रामगंगा विहार साईं मंदिर, अवंतिका कॉलोनी के घरों में पानी भर गया। भोला नाथ कॉलोनी और झब्बू का नाला के इर्दगिर्द घरों से पानी नहीं निकला है। स्टेडियम रोड निवासी सुभाष कुमार वर्मा और डॉ. पीएन टंडन ने बताया कि उनके घरों के अंदर पानी घुस गया था। इसका प्रमुख कारण मुख्य रोड से गलियों की सड़कें नीची होना है। इसी कारण अब समस्या काफी बढ़ गई है। पहले घरों के अंदर पानी नहीं भरता था। कुछ अन्य लोगों का कहना था कि ड्रैनेज सिस्टम फेल होने के कारण ऐसा हुआ है। दिल्ली रोड पर भी नाले की सफाई सही ढंग से नहीं होने के कारण पानी नहीं निकल सका। रामगंगा के किनारे कटघर क्षेत्र के लोग जलभराव के चलते काफी परेशान हो गए हैं।
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लाइनपार के घरों में घुसा पानी, स्कूली बच्चे पानी से गुजरे
- लाइनपार के सूर्यनगर, विकास नगर, ढक्का, राम तलैया रामलीला मैदान के अंदर और बाहर पानी तीन से चार फीट पानी भर गया। सोमवार को बच्चों को रामलीला मैदान के रास्ते से स्कूल जाने के लिए जलभराव के बीच से निकलना पड़ा। शाम तक रामलीला मैदान क्षेत्र से पानी नहीं निकला था। इसी प्रकार ढक्का, सूर्यनगर में बच्चों को पानी के बीच से होकर स्कूल जाना पड़ा। इधर गुलाबबाड़ी और जयंतीपुर में भी घरों में पानी घुस गया था। पंडित देश राज शर्मा का कहना है कि नगर निगम पानी निकालने में असमर्थ है। अतिक्रमण को हटाने के लिए कोई बेहतर इंतजाम नहीं किया गया है।
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मंडी में जलभराव से कारोबारियों और किसानों को हुई परेशानी
मंडी में जलभराव के चलते कारोबारियों के साथ किसानों को परेशानी का सामना करना पड़ा। इस बारे में फल विक्रेता कल्याण समिति के मीडिया प्रभारी विनोद शर्मा ने बताया कि मंडी प्रशासन ने जलभराव रोकने के लिए पंप हाउस और तालाब का निर्माण कराया था लेकिन कुछ काम नहीं आ सका। नालों के बीच सही कनेक्शन नहीं होने के कारण जल निकासी नही हो सकी। इस कारण जलभराव के बीच किसी प्रकार सब्जी का कारोबार किया गया।
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रामगंगा का जलस्तर बढ़ा
रामगंगा नदी के खतरे का स्तर 190.60 हैं। सोमवार की सुबह आठ बजे रामगंगा का जलस्तर 187.66 मीटर पहुंच गया। जिला प्रशासन का मानना है कि 24 घंटे में 65 मिमी बारिश हुई है। वहीं गागन नदी का खतरे का निशान 192.28 मीटर है। इस नदी का जलस्तर सोमवार को 189.10 मीटर रिकॉर्ड किया गया। जिला प्रशासन ने बाढ़ कंट्रोल रूम का नंबर 9454416867 जारी किया है। इसी प्रकार टोल फ्री नंबर 1077 पर भी लोग राहत और बचाव के लिए सूचना दे सकते हैं।
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रामगंगा विहार की सड़क धंसी
रामगंगा विहार एमडीए उपाध्यक्ष के आवास के पास तिराहे पर सड़क धंस गई। इस दौरान दो कारें फंस गईं। कारों को स्थानीय लोगों ने निकाला। इस बारे में व्यवसायी शेखर ने बताया कि एक सप्ताह पहले ही सीवर के लिए सड़क खोदी गई थी। इसी कारण साईं मंदिर रोड पर सड़क में होल हो गया है। स्थानीय लोगों ने होल में डंडे डाला है ताकि कोई वाहन चालक फंस न सके।
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- देररात तीन बजे खुद शहर का निरीक्षण किया है। पहले बुधबाजार में पानी भरा रहता था। अब यहां पानी भरने के बाद निकल जाता है। लाइनपार की समस्या पुरानी है। काफी बस्तियां सड़क से नीचे हैं। फिर भी सुधार के लिए प्रयास किया जा रहा है। - दिव्यांशु पटेल, आयुक्त नगर निगम