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Moradabad News: मृतक को भी टैक्स वसूली का नोटिस भेज रहा नगर निगम

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मुरादाबाद।
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जीआईएस सर्वे के आधार पर जारी किए गए नोटिस को लेकर सवाल उठने लगे हैं। वजह यह है कि कहीं 14 साल पहले मृत महिला के नाम नोटिस जारी कर दिया गया, तो कहीं एकाएक बढ़ाकर टैक्स भेज दिया गया है। शहर के तमाम लोग ऐसे हैं, जो टैक्स विभाग के नोटिस से परेशान हैं। ये सभी लोग आपत्ति भी दर्ज करा रहे हैं। पिछले एक माह में करीब 500 लोग आपत्ति अभी तक दर्ज करा चुके हैं।
शहर निवासी राजेश उर्फ पप्पू भी अपने तीन अन्य भाइयों के चार दिन पहले मां ओमवती के नाम जारी नोटिस के साथ नगर निगम कार्यालय के टैक्स विभाग में पहुंचे थे। उन्होंने बताया कि वह सभी भाई पैतृक आवास में रहते हैं। पिता के निधन के बाद आवास उनकी मां के नाम था। वर्ष 2001 में मां के नाम 267 रुपये बकाया टैक्स का नोटिस आया था। 2009 में उनकी मां का भी निधन हो गया। उनके द्वारा की गई वसीयत के आधार पर चारों भाइयों के नाम आवास है। चारों भाइयों के बकाया टैक्स के रूप में करीब 15 सौ रुपये आता था। उन्होंने बताया कि अब चार दिन पहले मृत मां के नाम अचानक 3.69 लाख के बकाया का बिल गलत ढंग से आ गया। जो गलत है, उसी पर आपत्ति दर्ज कराई गई है।
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पुलिस लाइन निवासी नजमा का भी हाउस, वाटर टैक्स बढ़ाकर भेजा गया है। उन्होंने दायर आपत्ति में कहा है कि 2022 में दो साल का करीब 4760 रुपये का बकाया टैक्स का नोटिस मिला था जिसे जमा कर दिया था। अब करीब 10 हजार का नोटिस उन्हें भेज दिया गया।
मंडी चौक चौराहा निवासी एवं चिमटा वाले मठ के महंत शत्रुघन दास ने बताया कि जीआईएस सर्वे के आधार पर उनको पहली बार 86 हजार रुपये बकाया टैक्स का नोटिस भेजा गया है। उन्होंने कहा कि ऊपर मंदिर है और नीचे कुछ दुकानें हैं। उसके किराये से मंदिर के रखरखाव आदि का खर्चा चलता है। उन्होंने आपत्ति दर्ज कराते हुए टैक्स के पुनर्निर्धारण की मांग की है।
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- जीआईएस सर्वे के आधार पर भवन स्वामियों को नोटिस भेजे गए हैं। टैक्स अधिक होने, नाम गलत होने आदि से संबंधित करीब 500 आपत्तियां प्राप्त हुई हैं। जिनकी सुनवाई की जा रही है। 100 आपत्तियों की सुनवाई की जा चुकी है। नगर आयुक्त के आदेश पर जल्द ही शहरवासियों की सुविधा के लिए जोनवार कैंप भी लगाए जाएंगे।
आरती सिंह, मुख्य कर निर्धारण अधिकारी
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