अभी ज्यादा वक्त नहीं बीता जब मुकुल नाम के इसी कैरेक्टर ने विधायक लक्ष्मी गौतम की गृहस्थी उजाड़ दी थी। विधायक के पति से अलगाव में इसी कैरेक्टर का अहम रोल था। लेकिन अब विधायक और मुकुल दोनों ही एक दूसरे पर हमलावर हैं।
तीन साल तक अपने बेहद करीब रहे मुकुल को तीन दिन पहले विधायक ने जेल भिजवा दिया तो अब मुकल ने भी विधायक के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। रविवार को जेल से छूटते ही मुकुल ने कहा कि लक्ष्मी गौतम सत्ता के नशे में हैं जो ज्यादा वक्त नहीं रहने वाला। इस पर विधायक ने मुकुल को दायरे में रहने की हिदायत दी है।
चंदौसी का राशन डीलर मुकुल अग्रवाल करीब तीन साल पहले उस वक्त सुर्खियों में आया था जब विधायक लक्ष्मी गौतम ने अपने पति दिलीप वार्ष्णेय का घर छोड़ा था। पति और ससुराल को छोड़ लक्ष्मी गौतम तभी से मुरादाबाद में टीडीआई सिटी में रह रही हैं।
लक्ष्मी गौतम के पति से अलगाव की वजह के रूप में मुकुल अग्रवाल का ही नाम सामने आया था। फिर बाद में विधायक और मुकुल को अक्सर साथ - साथ देखा जाने लगा था। दिलीप वार्ष्णेय ने खुलेआम आरोप लगाया था कि उनकी पत्नी विधायक लक्ष्मी गौतम का मुकुल के साथ अफेयर है और इसीलिए उन्होंने ससुराल छोड़ दी है।
लेकिन लक्ष्मी गौतम हमेशा ही मुकुल को पार्टी का एक कार्यकर्ता बताती रहीं। लक्ष्मी गौतम की ही मदद से मुकुल की सपा में एंट्री हुई और उसे चंदौसी में मुलायम सिंह यादव यूथ ब्रिगेड का नगर अध्यक्ष बना दिया गया।
इस बीच परिवार और पार्टी पदाधिकारियों से लेकर सरकार में बैठे कुछ मंत्रियों तक ने दिलीप वार्ष्णेय और लक्ष्मी गौतम के बीच सुलह कराने की कोशिशें कीं लेकिन लक्ष्मी गौतम पति के घर लौटने को राजी नहीं हुईं। इस बीच मुकुल विधायक के साथ साए की तरह बना रहा। नौबत विधायक और दिलीप के बीच तलाक के मुकदमे तक आ गई।
लेकिन तीन साल बाद अब हालात बदल चुके हैं। विधायक लक्ष्मी गौतम और मुकुल के रिश्तों में तल्खी आ चुकी है। तीन दिन पहले विधायक के कहने पर पुलिस ने मुकुल अग्रवाल को जेल भेजा था। रविवार को मुकुल जमानत पर छूटा तो जेल से आते ही विधायक पर हमला बोला।