मुरादाबाद। अभिनेत्री जयाप्रदा के खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणी करने के मामले में मंगलवार को भी सांसद आजम खां और अब्दुल्ला आजम कोर्ट में पेश नहीं हो सके। जिस कारण केस की सुनवाई टल गई। हालांकि केस के विवेचक कोर्ट में उपस्थित हुए और उन्होंने प्रार्थना पत्र देकर मुरादाबाद के सांसद डा. एसटी हसन की आवाज का नमूना लेने की अनुमति मांगी है। अदालत ने इस प्रार्थना पत्र पर सुनवाई के लिए 22 दिसंबर की तारीख तय की है। जबकि उसी दिन आजम और अब्दुल्ला को भी तलब किया गया है।
रामपुर में आवास विकास कालोनी निवासी मुस्तफा हुसैन ने सिविल लाइंस थाने में सांसद एवं पूर्व मंत्री आजम खां, उनके बेटे अब्दुल्ला आजम, मुरादाबाद के सांसद डा. एसटी हसन, रामपुर नगर पालिका के पूर्व अध्यक्ष अजहर खां, संभल के पूर्व सपा जिला अध्यक्ष फिरोज खां समेत सैयद आरिफ हसन और तीन अज्ञात के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई थी। मुस्तफा हुसैन की ओर से आरोप लगाया गया था कि 30 जून 2019 को कटघर थानाक्षेत्र स्थित मुस्लिम डिग्री कालेज में आयोजित कार्यक्रम में पूर्व सांसद व अभिनेत्री जयाप्रदा के खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणी की गई थी। इस केस की सुनवाई एडीजे-5 एमपी/एमएलए स्पेशल न्यायाधीश पुनीत गुप्ता की अदालत में चल रही है।
मंगलवार को इस मामले में सुनवाई होनी थी। सीतापुर जेल में बंद आजम और अब्दुल्ला आजम को कोर्ट ने तलब किया था। लेकिन पिता-पुत्र मंगलवार को भी कोर्ट में पेश नहीं हो सके। सांसद आजम खां के अधिवक्ता शहनवाज सिब्तेन ने बताया कि सीतापुर जेल से जेल अधीक्षक ने न्यायालय में मंगलवार को भी फैक्स भेजा है। इसमें उन्होंने किसान आंदोलन की वजह से सड़कों पर अवरोध होने की बात कहते हुए आजम और अब्दुल्ला को सीतापुर से मुरादाबाद कोर्ट तक लाना सुरक्षा के लिहाज से ठीक नहीं माना है। पिता-पुत्र के कोर्ट में पेश न होने की वजह से सुनवाई टल गई। केस के विवेचक की ओर से अदालत में प्रार्थना पत्र प्रस्तुत किया गया है। जिसमें विवेचक ने मुरादाबाद के सांसद डा. एसटी हसन की आवाज का नमूना लेने की अनुमति मांगी है। अदालत ने इस प्रार्थना पत्र की सुनवाई के लिए 22 दिसंबर की तारीख तय की है। साथ ही आरोपी पक्ष को आपत्ति लगाने के लिए भी वक्त दिया गया है। सरकार की ओर से अदालत में अपर जिला शासकीय अधिवक्ता मुनीष भटनागर और सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता कौशल गुप्ता उपस्थित रहे।