रामपुर। अपने आंसुओं पर सवाल उठाए जाने पर आजम खां ने कहा कि बहुत फर्क है मेरे और उनके आंसुओं में। मैं रोता हूं तो पूरा मजमा रोता है और वो रोते हैं तो ताली बजती है। मैं रोता हूं तो हजारों की आंखों में आंसू आ जाते हैं और उनको रोने के पैसे मिलते हैं। उन्होंने कहा कि वह पहली बार तो रोए नहीं हैं। ये आंसू मेरी कमजोरी नहीं है।
आजम खां शुक्रवार की रात ईदगाह गेट पर जलसे को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि मेरे आंसुओं पर सवाल उठाए जा रहे हैं। पूछा जा रहा है कि मैं रोया क्यों था। मेरे आंसुओं पर जो लोग सवाल उठा रहे हैं वह मजलूमों की दोनों की आंखों में अंगुली डालकर उनको अंधा करने की कोशिश कर रहे हैं। सांसद ने कहा कि मुझ पर आरोप लगाया जा रहा है कि मैंने फैक्टरियां नहीं लगवाईं। टांडा और शाहबाद की चीनी मिल किसने लगवाई थी। रामपुर की चीनी मिल के लिए मैंने 120 करोड़ रुपये मंजूर करवाया था। सरकार बदल गई, मशीनें चोरी कर ली गईं, बायलर चोरी कर लिए गए। तुम्हारी भी छह साल से केंद्र में सरकार है। दिल्ली और लखनऊ में सत्ता पर काबिज हो। तुमने क्या किया है रामपुर के लिए। पांच तक यहां से भाजपा के सांसद रहे हैं, उन्होंने क्या किया है। दस साल तक मोहतरमा भी सांसद रही हैं पहाड़ी गेट के पास एक वीरान बिल्डिंग के अलावा पूरे जिले में किसी पत्थर पर उनका नाम नहीं लिखा है। इसके लिए भी पैसे मैंने दिए थे। इसके अलावा पूरे जिले में अगर उनके नाम का कोई पत्थर मिल जाएगा तो मैं उस पर फूल चढ़ाऊंगा। अपने विकास कार्यो की ओर इशारा करते हुए कहा कि मुझे चोर कहा जा रहा है, बेईमान कहा जा रहा है, लेकिन मेरी बेईमानी के निशान तो पूरे जिले में हर गली-मोहल्ले में मिल जाएंगे। कहा कि अरे मजाक मत बनाओ, पूर्व मुख्यमंत्री को टोटी चोरी कह दिया, मैं किताब चोर हूं, मुर्गी चोर हूं, बकरी चोर हूं, भैंस चोर हूं। मुकदमा लिखने से पहले कुछ सोच लिया तो करो। इस मौके पर राज्यसभा सदस्य डॉ. तजीन फात्मा, विधायक अब्दुल्ला आजम, फहीम, रूचि वीरा, आसिम राजा सहित अन्य कई लोग मौजूद रहे।