यह बोलते हुए सांसद आजम खां पलभर के लिए भावुक हो गए और फिर कहा कि मैं तो तुम्हारे आंसू पोंछने आया था, बच्चों के लिए कलम लेकर आया था, लेकिन मुझे बकरी चोर, मुर्गी चोर और भैंस चोर बना दिया गया। सरकार और प्रशासन पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि मुझे शर्म आती है ऐसी सरकार पर, ऐसे शासन और प्रशासन पर।
सरकार और प्रशासन की कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए उन्होंने कहा कि सवाल करो अपनी जमीर से कि तुम कहां खड़े हो। उन्होंने कहा कि हिन्दुस्तान की तकदीर में बदलाव बच्चों की हाथों में झाड़ू नहीं बल्कि कलम देने आएगा। बच्चों की हाथों में कलम देने का काम तो मैं कर रहा था, लेकिन उसमें बाधा डालने की कोशिश की जा रही है।