जिले के पवांसा निवासी मल्लो (60) का निधन बीमारी के बाद मुरादाबाद के टीएमयू में 11 अप्रैल को हो गया। मल्लो के साथ गए उनके बेटे विजय, बहू गुड्डो देवी और पड़ोसी श्रीनिवास लोधीपुर स्थित एक विद्यालय में क्वारंटीन है। विजय ने बताया कि अस्पताल प्रशासन ने अभी तक उनकी मां के उन्हें दर्शन नहीं कराए हैं।
ऐसा पता चला है कि कोरोना की आशंका में उनके नमूने लिए गए हैं। तीन दिन तक उन्हें उनकी पत्नी और पड़ोसी को टीएमयू में ही एक कमरे में क्वारंटीन रखा गया और सोमवार को रात लोधीपुर के शिक्षण संस्थान में भेज दिया गया। यहां और भी बहुत सारे लोग हैं लेकिन अभी तक न तो उनके नमूने लिए गए हैं।
विजय ने बताया कि उनके बच्चे गांव में अकेले हैं और वे यहां क्वारंटीन में अपनी मृत मां को देखने के लिए इंतजार में हैं। उनके पास किसी का कोई फोन नंबर भी नहीं है कि अस्पताल प्रशासन से वह जानकारी ले सकें। उनकी नजरें क्वारंटीन केंद्र के बाहर को लगी रहती हैं और यही सोचते हैं कि शायद अब कोई संदेश आए अब कोई संदेश आए।
इस बीच गांव में उनकी बड़ी बेटी परिवार के तीन बच्चों को संभाले हुए है और पड़ोसी तथा रिशेतदार मददगार हैं। गांव के निवासी पूर्व विधायक सतेंद्र सिंह ने इस बारे में संभल जिला प्रशासन के अधिकारियों से फोन पर वार्ता की पर निष्कर्ष सामने नहीं आया।
बेटे विजय ने बताया कि मां मल्लो की पेशाब रुक गई थी और श्वांस लेने में तकलीफ थी। उन्हें वह 9 अप्रैल को लेकर मुरादाबाद गए थे जहां 11 अप्रैल को मां ने दम तोड़ा है। अब उनकी लाश कहां रखी है। यह भी वह नहीं देख सके हैं।