समाज में शिक्षा के साथ जागरूकता भले ही तेजी से बढ़ी हो लेकिन आज भी कुछ लोग बेटी को अभिशाप मानते हैं। बेटी के जन्म के बाद मां के उत्पीड़न के बढ़ते मामले इसकी गवाही दे रहे हैं। बेटी का जन्म होने पर ससुराल वालों ने महिलाओं पर मायके से दहेज लाने का दबाव बनाया और मांग पूरी न होने पर उन्हें मारपीट कर घर से निकाल दिया।
बीते एक साल में महिला थाने में ऐसे 93 मामले दर्ज किए गए, जहां महिलाओं ने ससुराल वालों पर घरेलू हिंसा का आरोप लगाते हुए न्याय की मांग की। चाैंकाने वाली बात यह है कि ऐसे मामलों की संख्या में साल दर साल बढ़ोतरी हो रही है। 2023 में महिला थाने में घरेलू हिंसा के 80 मामले ही दर्ज हुए थे। वहीं 2024 में ऐसे मामलों में करीब 16 फीसदी की वृद्धि हाे गई।
सीओ सिविल लाइंस कुलदीप गुप्ता ने बताया कि घरेलू हिंसा से संबंधित जो भी मामले आते हैं, उन्हें पहले नारी उत्थान केंद्र में काउंसिलिंग के लिए भेजा जाता है। वहां पर पति-पत्नी के बीच समझौता कराने की कोशिश की जाती है। इसके बाद अगर समझौता नहीं होता है तो केस दर्ज किया जाता है। मामले की जांच कर चार्जशीट कोर्ट में पेश की जाती है।
- केस-1:
थाना सिविल लाइंस क्षेत्र की एक महिला ने महिला थाने में मई 2024 को तहरीर देते हुए बताया कि उसका विवाह साल 2016 में हरिद्वार निवासी एक युवक से हुआ था। विवाह में उनके पिता ने ससुराल वालों की मांग पर लगभग 10 लाख रुपये और सारा सामान दिया था। कुछ समय तक तो सब कुछ सही चला लेकिन 2019 में उसने एक बेटी को जन्म दिया, जिससे ससुराल वाले नाखुश थे। पति और ससुराल वालों ने उसे यह कहकर घर से निकाल दिया कि तुम एक लड़के को जन्म नहीं दे सकी। अगर तुम्हें घर में रहना है तो अपने मायके से गाड़ी और 10 लाख रुपये लेकर आओ।
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केस-2:
महिला थाने में जून 2024 शिकायत दर्ज कराते हुए एक महिला ने बताया कि साल 2016 में उसका विवाह अमरोहा के एक युवक के साथ हुआ था। शादी के बाद सब कुछ सही चल रहा था लेकिन साल 2019 में उसने एक बेटी को जन्म दिया। इसके बाद से ससुराल वालों का रवैया बदल गया। ससुराल वाले आए दिन उसके साथ मारपीट करते लगे और मायके से दहेज लाने की मांग करते रहते। 2023 में जब उसने दूसरी लड़की को जन्म दिया तो उसके पति और देवर ने मारपीट करते हुए उसे घर से बाहर निकाल दिया।
केस-3:
महिला थाने में जुलाई 2024 को एक महिला ने शिकायत करते हुए कहा कि 2019 में उसका विवाह ग्रेटर नोएडा के एक युवक के साथ हुआ था। उसके पिता ने विवाह में 12 लाख रुपये खर्च किए थे। शादी के बाद से ही ससुराल वाले दहेज को लेकर उसे परेशान करने लगे। इसके बाद 2020 में उसने एक बेटी को जन्म दिया। इस पर उसकी सास और ननद ने उसको घर से निकाल दिया। साल 2022 में महिला थाने में एक बार दोनों पक्षों को बैठाकर कांउसिलिंग की गई थी। कुछ समय तक तो पति ने साथ रखा लेकिन उसके बाद उसने घर से निकाल दिया।