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Moradabad News: मां शाहिस्ता को तो पता भी नहीं उसने दो बच्चों को खो दिया

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कांठ । शुक्रवार को छजलैट में ठंड से बचने के लिए कमरे में जलाई अंगीठी के कारण दम घुटने से दो बच्चों आहिल (4) और बेटी आयरा (3) की मौत और दंपती सहित तीन की हालत बिगड़ने की घटना से परिजनों के साथ ही हर कोई दुखी है। वहीं जावेद की पत्नी शाहिस्ता की हालत फिर बिगड़ने पर मुरादाबाद के निजी अस्पताल से हायर सेंटर मेरठ रेफर कर दिया गया है। वह अभी होश में नहीं है, उसको तो यह भी नहीं पता है कि उसने हादसे में दो मासूम बच्चों को खो दिया है।
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बता दें कि छजलैट निवासी जावेद की शादी करीब सात साल पहले जनपद बिजनौर अंतर्गत कस्बा चांदपुर के मोहल्ला सराय रफी मेव वाली मस्जिद की शाहिस्ता से हुई थी। शादी के बाद पति-पत्नी दोनों खुश थे और दोनों से चार बच्चे, जिसमें शिफान, तैमूर, आहिल और बेटी आयरा थे। लेकिन तीन साल पहले दिल की बीमारी से तैमूर की मौत हो गई थी। अब शुक्रवार को इस हादसे में आहिल और आयरा की भी मौत हो गई। जिंदगी और मौत से अस्पताल में जूझ रही शाहिस्ता को तो अभी यह भी नहीं पता है कि उसने अपने दो जिगर के टुकड़ों को और खो दिया है। उसकी गोद में चार में से अब शिफान ही रह गया है।
दंपती के एक बेटे की पहले भी हो चुकी है मौत
कांठ। छजलैट के चाय विक्रेता जावेद के बेटे आहिल (4) और बेटी आयरा (3) की कमरे में जलाई गई अंगीठी के धुएं से दम घुटने से हुई मौत के बाद गांव में माहाैल गमगीन है। बताया जाता है कि जावेद के पांच साल के एक बेटे तैमूर की तीन साल पहले दिल की बीमारी के चलते मृत्यु हो गई थी। अब दो और बच्चों की माैत से इस परिवार पर गमों का पहाड़ टूट गया है। जावेद के दो बच्चों की मौत ने सभी को झकझोर दिया। सुबह से लेकर शाम तक लोग जावेद के घर आते रहे और हर किसी की जुबां पर बस यही शब्द था कि बहुत ही गहत हुआ है। ग्रामीण पीड़ित जावेद और उसके परिजनों को ढांढ्स बंधा रहे हैं। ग्राम प्रधान छजलैट शमीम अहमद, डाॅ. जहीर अहमद समेत समेत तमाम लोगों ने दुखी परिजनों को हिम्मत बंधाई है। संवाद
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