मुरादाबाद। बेटे की बेरुखी और बदसलूकी से परेशान होकर एक मां शुक्रवार को रेलवे ट्रैक पर आत्महत्या करने पहुंच गई। मामला मुरादाबाद रेल मंडल के अमरोहा स्टेशन का है। महिला पटरी पर लेट गई थी और ट्रेन महज पांच सौ मीटर की दूरी पर थी। तभी आरपीएफ की दो महिला सिपाहियों ने अपनी जान जोखिम में डालकर ट्रैक पर लेटी महिला की जान बचाई। उस समय डीसीएम अंजू सिंह भी वहीं मौजूद थीं। उन्होंने आरपीएफ की महिला सिपाहियों को उनकी बहादुरी के लिए शाबाशी दी।
अमरोहा निवासी जावित्री देवी (60) का कहना है कि उनके पति परम सिंह रेलवे में टोकन पोर्टर के पद पर तैनात थे। रेलवे के रियायती नियम का लाभ लेते हुए उन्होंने 55 वर्ष से अधिक आयु होने पर अपनी नौकरी बेटे अरविंद को सौंप दी। अब बेटा इतने पर भी संतुष्ट नहीं है और मां से पेंशन के रुपये भी हड़पना चाहता है। इसी को लेकर आए दिन झगड़ा करता है और घर से निकल जाने को कहता है। इससे तंग आकर जावित्री देवी शुक्रवार को रेलवे लाइन पर आत्महत्या करने पहुंची थीं। घटना दोपहर करीब डेढ़ बजे की है।
सीआईटी मुरादाबाद विजयंत कुमार शर्मा ने बताया कि जिस ट्रैक पर जावित्री देवी आत्महत्या के इरादे से लेटीं, उसी ट्रैक पर एक मालगाड़ी दिल्ली की दिशा से मुरादाबाद की ओर आ रही थी। यह देख वहां मौजूद टीटीई स्टाफ ने शोर भी मचाया, लेकिन महिला ट्रैक से नहीं उठी। उस समय डीसीएम अंजू सिंह भी वहीं मौजूद थीं।
टिकट चेकिंग अभियान के तहत उनके साथ सीआईटी मुरादाबाद के अलावा सीटीटीआई खेमपाल सिंह, अमित सक्सेना, एके महरोत्रा, आरपीएफ एएसआई योगेंद्र कुमार शर्मा आदि मौजूद थे। साथ में मौजूद आरपीएफ की महिला सिपाही कुमारी गुड्डन और कुमारी हिमांशु ने जब मालगाड़ी को महिला के नजदीक आते देखा तो बिना देर किए ट्रैक पर कूद पड़ीं। दोनों पुलिसकर्मियों ने दौड़कर महिला को ट्रैक से हटाया और तुरंत खुद भी किनारे हो गईं। इससे वह जावित्री बाल-बाल बच गईं। महिला पुलिसकर्मियों के इस बहादुरी भरे कृत्य की रेलवे अधिकारियों ने खूब सराहना की है। सीनियर डीसीएम रेखा शर्मा का कहना है कि सीआईटी से रिपोर्ट लेकर संबंधित विभाग को भेज दी गई है। आरोपी बेटे के खिलाफ संबंधित विभाग जांच के बाद कोई कार्रवाई कर सकता है।
बेटा बोला ट्रेन से कट जाती मां तब देखने आता
अमरोहा रेलवे स्टेशन के सीआईटी कैलाश चंद्र ने घटना के बाद महिला से उनके बेटे अरविंद का फोन नंबर लेकर उसे घटना की जानकारी दी और मौके पर आने के लिए कहा। रेलवे की रिपोर्ट के मुताबिक फोन पर उसने जवाब दिया कि यदि मां ट्रेन से कट गई हो तो मैं देखने आता हूं, अन्यथा नहीं। इस पर सीआईटी ने महिला को जीआरपी के हवाले कर दिया। अमरोहा जीआरपी प्रभारी के मुताबिक महिला के बेटे को मौके पर बुलाकर दोनों को समझाकर उनके घर भेज दिया और भविष्य में झगड़ा न करने की हिदायत दी।