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स्मार्ट सिटी के अधिकांश काम अधूरे, सिटी डेवलपमेंट के ख्वाब बहुतेरे

सार

शहर को स्मार्ट बनाने का काम वर्ष 2018 में शुरू किया गया था।इनमें से सबसे प्रमुख 202 करोड़ रुपये की लागत वाले इंटीग्रेटेड कंट्रोल कमांड सेंटर (आईसीसीसी) का काम ही अभी अधूरा है।जबकि 870 करोड़ रुपये के 22 विकास कार्य काफी धीमी गति से होने के कारण अधूरे हैं।
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मुरादाबाद। शहर को स्मार्ट बनाने का काम वर्ष 2018 में शुरू किया गया था। तब 1600 करोड़ रुपये के विकास कार्य की परियोजनाएं के टेंडर हुए थे। इनमें से सबसे प्रमुख 202 करोड़ रुपये की लागत वाले इंटीग्रेटेड कंट्रोल कमांड सेंटर (आईसीसीसी) का काम ही अभी अधूरा है। भवन बनने के साथ कुछ स्थानों पर सिग्नल लाइटों व कुछ प्रमुख चौराहों पर कैमरों की सहायता से ऑटोमेटिक चालान और वाईफाई आदि की सुविधा का काम तो हुआ है, लेकिन अभी अन्य तमाम व्यवस्थाओं को इससे जोड़े जाने का काम बाकी है। पूर्ण कार्यों की बात करें तो बीते चार साल में सिर्फ 60 करोड़ रुपये की लागत के 14 कार्य ही पूर्ण हो सके हैं। जबकि 870 करोड़ रुपये के 22 विकास कार्य काफी धीमी गति से होने के कारण अधूरे हैं। यह हाल तब है जब इन सभी कार्यों को जून 2023 तक पूरा होना है। इसी बीच मुरादाबाद विकास प्राधिकरण ने 23 हजार करोड़ रुपये की लागत वाले 2051 तक के प्रस्तावित सिटी प्लान का राग छेड़ दिया है। लोगों की रायशुमारी के बाद इसे बृहस्पतिवार फाइनल टच भी दे दिया गया।
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पीतल उद्योग में रोजगार के लिए कैरियर मित्रा की स्थापना का दावा किया गया था। 19 लाख रुपये की लागत से तैयार इस वेबसाइट का समुचित लाभ पीतल मजदूरों को नहीं मिल पा रहा है। कमोवेश यही स्थित 1.57 करोड़ रुपये की लागत से ई-कीओस्क फॉर जोनल ऑफिसेस, 2.93 करोड़ रुपये की लागत से शहर के विभिन्न स्थानों पर लगाए गए वाटर एटीएम की है।
कैरियर मित्रा, स्मार्ट कक्षाओं द्वारा डिजिटल पाठशाला का निर्माण, 20 जंक्शनों और सार्वजनिक स्थानों पर सोलर हाईमास्ट लाइट, सरकारी भवनों पर रूफ टॉफ, ग्राउंड वाटर रिचार्ज, रेनवाटर हार्वेस्टिंग, सात पार्कों का पुनर्विकास और सौंदर्यीकरण, इलेक्ट्रिक बस चार्जिंग स्टेशन, सोलर वेस्ड वाटर एटीएम, ई-कीओस्क फॉर जोनल ऑफिसेस, सोलर बेस्ट स्मार्ट टॉयलेट, सोलर रूफटॉफ ऑन गवर्नमेंट स्कूल्स, रेनोवेशन एंड ब्यूटिफिकेशन ऑफ ओवरहेड टैंक्स और जीआईएस बेस्ड प्रापर्टी मैपिंग फॉर प्रापर्टी यूटिलिटी सर्विसेज। यह सभी कार्य 60.14 करोड़ रुपये के कराए गए हैं।
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शहर में ई-रिक्शा चार्जिंग स्टेशन, कंबाइंड ब्रास फरनेस फैसिलिटी सेंटर, बुध बाजार, गुरहट्टी और डिप्टीगंज में वेंडिंग जोन, स्मार्ट रोड, एनिमल कारकस प्लांट, पुराने शहर में रेट्रोफिटिंग, वॉटर ड्रेनेज सिस्टम, स्काडा स्मार्ट मीटरिंग वाटर प्लांट, मेटल हैंडीक्राफ्ट सर्विस सेंटर, सरकारी स्कूलों के कायाकल्प और आईसीसीसी समेत 869.79 करोड़ रुपये की लागत के 22 कार्य अधूरे हैं। काफी धीमी गति से इनका निर्माण कार्य किया जा रहा है।
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