कांकाठेर में बंद रेलवे फाटक के नीचे से गुजरते हुए ट्रैक पर पहुंचीं 15 से अधिक भेड़ ट्रेन से कट गईं। उनको बचाने के चक्कर में संभल के नखासा थाना क्षेत्र के गांव ईसापुर सुनवारी निवासी चंद्रपाल (45) की भी ट्रेन चपेट में आकर मौत हो गई। उनकी मौत से परिवार में कोहराम मचा है।
संभल के नखासा थाना क्षेत्र के गांव ईसापुर सुनवारी निवासी चंद्रपाल भेड़ पालते थे। सर्दी शुरु होने पर वह और गांव के कुछ लोग हर साल भेड़ों को लेकर धनौरा के रमपुरा के जंगल में चले जाते थे। यहां पर चार महीने झोपड़ी बना कर रहते और भेड़ों को चराते। अब सर्दी शुरू होते ही शनिवार सुबह चंद्रपाल गांव के विद्याराम और हरिश्चंद्र सहित चार लोग अपनी भेड़ों को लेकर घर से निकल गए। झुंड में 300 भेड़ थीं। रविवार शाम करीब चार बजे वह भेड़ों का झुंड लेकर गजरौला क्षेत्र में कांकाठेर रेलवे लाइन के आस पास पहुंचे। चार बजे गांव के सामने रेल का फाटक बंद था।
इस बीच रेलवे लाइन पर पहुंच गईं, तभी मुरादाबाद की दिशा में जा रही लोकनायक 5116 एक्सप्रेस ट्रेन आ गई। ट्रेन की चपेट में आ जाने से 15 भेड़ कट गईं। चंद्रपाल बाकी भेड़ों को बचाने दौड़े। इस बीच वह भी ट्रेन की चपेट में आकर कट गए और उनकी भी मौके पर मौत हो गई। हादसे के बाद लोग इकट्ठा हो गए। सूचना पाकर ब्रजघाट चौकी इंचार्ज नीतेंद्र वशिष्ठ पुलिस के साथ मौके पर गए। उन्होंने मृतक के परिजनों को सूचना देकर शव मोर्चरी पर रखवाया। ट्रेन से कटी भेड़ों की संख्या 15 से अधिक बताई गई। मृतक के भतीजे सुनित कुमार का कहना है कि 15 से अधिक भेड़ भी मारी गई हैं। सीओ ने पुलिस कार्रवाई की पुष्टि की है।