मुरादाबाद के ठाकुरद्वारा के गांव तरफ दलपत में सोमवार रात घुसे तेंदुए ने चार साल के बच्चे को दबोच लिया। बच्चे की चीखें सुनकर दौड़ी मां तेंदुए से भिड़ गई। पास में पड़ा गन्ना उठाकर महिला ने तेंदुए पर ताबड़तोड़ वार शुरू कर दिए।
इस बीच शोर सुनकर कुछ ग्रामीण लाठी-डंडों के साथ तेंदुए की और दौड़े। चौतरफा घिरा तेंदुआ बच्चे को छोड़कर अंधेरे में जंगल की ओर भाग गया। गांव तरफ दलपत में रहने वाले रवि सैनी का जसपुर मार्ग पर मकान है।
रात करीब आठ बजे रवि का बेटा मोक्ष उर्फ कृष्णा (4) घर के बाहर अन्य बच्चों के साथ उछल-कूद कर रहा था। इस बीच जंगल से गांव में घुसा तेंदुआ अचानक वहां पहुंच गया और बच्चों पर झपट पड़ा। कुछ बड़े बच्चे चिल्लाकर इधर-उधर भाग गए, जबकि चार साल के कृष्णा को तेंदुए ने दबोच लिया।
कृष्णा के चिल्लाने की आवाज सुनते ही उसकी मां पिंकी घर से बाहर निकल आई। अपने लाल को तेंदुए के शिकंजे में देखकर हिम्मत हारने के बजाय पिंकी ने चिल्ला-चिल्लाकर तेंदुए पर पास पड़े गन्ने से हमला कर दिया।
ताबड़तोड़ गन्ने ऊपर पड़ने से तेंदुए की पकड़ ढीली हो गई और कृष्णा उसके चंगुल से छूट गया। इस बीच आसपास के ग्रामीण लाठी-डंडे लेकर दौड़े। भीड़ जुटती देख तेंदुआ जंगल की ओर भाग गया। ग्रामीणों ने पीछा किया लेकिन अंधेरे के कारण कुछ पता नहीं चला।
मां की हिम्मत से तेंदुए के जबड़े से बचे मोक्ष की गर्दन और कान पर गंभीर जख्म हो गए। ग्रामीण तत्काल बच्चे को स्थानीय निजी चिकित्सक के पास ले गए। हालत गंभीर बताकर वहां से काशीपुर भेज दिया गया, जहां निजी अस्पताल में उसका इलाज चल रहा है।
वन विभाग को मिले तेंदुए के पंजों के निशान
इस सूचना पर वन विभाग के दरोगा पीयूष जोशी टीम के साथ मौके पर पहुंचे। इस बीच पुलिस की टीम भी आ गई। दोनों ने जंगल में कॉम्बिंग की लेकिन तेंदुआ हाथ नहीं आया। ग्रामीणों ने बताया कि टॉर्च की रोशनी में वन विभाग को जंगल व खेतों में तेंदुए के पंजों के निशान मिले हैं। पुलिस और वन विभाग ने ग्रामीणों को सतर्कता बरतने की सलाह दी है। ग्रामीणों ने पिंजरा लगाने की मांग की है।