कलर लाइट सिग्नल से तेजी से बदल रही है व्यवस्था
मुरादाबाद रेल मंडल में आधुनिक तकनीक के तेजी से इस्तेमाल के कारण खुर्जा सरीखे कुछ स्थानों पर ही प्राचीन टोकन व्यवस्था बची थी। नजीबाबाद से कोटद्वार और बालामऊ–सीतापुर–उन्नाव रेल मार्ग भी इसी सिस्टम पर निर्भर था। साल 2022 से इन रेल खंडों में इसे विदा कर आधुनिक सिग्नल व्यवस्था लागू कर दी गई। इलेक्ट्रिक इंजन से ट्रेनों का संचालन बढ़ने से यह बदलाव भी तेज हो गया।
रेलवे बोर्ड के आदेश, दुर्घटनाएं रोकने के लिए रात्रि गश्त करें अफसर
रेलवे बोर्ड के आदेश हैं कि दुर्घटनाओं को रोकने के लिए विभिन्न अनुभागों के अधिकारी अलग-अलग सेक्शन में रात्रि गश्त करें। हाल ही में इसे लेकर उत्तर रेलवे ने जानकारी साझा की है। जोनल मुख्यालय द्वारा बताया गया है कि 31 दिन में मुख्यालय स्तर पर 48, मुरादाबाद रेल मंडल में 131, दिल्ली मंडल में 93, लखनऊ मंडल में 131, फिरोजपुर मंडल में 190, जम्मू मंडल में 23 रात्रि निरीक्षण किए गए हैं।