रविवार की शाम वह अपने बेटे को सिविल लाइंस स्थित निजी अस्पताल में ले गए और डॉक्टर से चेकअप कराया था। इस दौरान डॉक्टर ने उन्हें बोन टीबी होने की जानकारी दे दी थी। घर आने के बाद सुधांशु रात भर रोते रहे। राजकुमार ने बेटे को बहुत समझाया लेकिन सुधांशु शांत नहीं हुए।
घर वालों ने समझा-बुझाकर किसी तरह खाना खिलाया। इसके बाद सभी लोग सो गए थे। सोमवार सुबह करीब आठ बजे राज कुमार और उनकी पत्नी मालती दूध लेने चले गए थे। घर पर सुधांशु ही थे। दूध लेकर जब दोनों वापस आए तो सुधांशु नजर नहीं आए।
मोबाइल पर कॉल की गई लेकिन कॉल रिसीव नहीं हुई। दोपहर करीब 12 बजे राज कुमार अपने बराबर वाले मकान में गए तो उन्होंने देखा कि सुधांशु जीने की रेलिंग से शाल के सहारे लटके हुए थे।
शोर मचाने पर आस पड़ोस के लोग आ गए और सुधांशु को नीचे उतारा गया लेकिन तब तक सुधांशु की मौत हो चुकी थी। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंच गई और फोरेंसिक टीम के साथ जांच पड़ताल की। एसपी सिटी कुमार रण विजय सिंह ने बताया कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट में लटकने से मौत होने की पुष्टि हुई है।
बड़े भाई शिमला में, बहन स्पेन में रहती है
आयकर विभाग से सेवानिवृत्त राज कुमार के बड़े बेटे हिमांशु राज इंडियन ओवरसीज बैंक में मैनेजर हैं। उनकी तैनाती शिमला में है, जबकि बहन राज नंदिनी स्पेन में रहती हैं। राज नंदिनी के पति स्पेन में डॉक्टर हैं।