केस-1
अगवानपुर के कलालपुरी निवासी अमानत अली हैंडीक्राफ्ट का काम करते है। छह वर्ष पहले उन्होंने बड़े भाई यामीन की नवजात बेटी पलक को गोद लिया था। पिछले सप्ताह पलक को बुखार आया। उन्होंने एक स्थानीय डॉक्टर से इलाज शुरू कराया लेकिन आराम नहीं हुआ। हालत बिगड़ने पर शनिवार को उसे अमरोहा के निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया। वहां जांच में डेंगू की पुष्टि हुई। हालत में सुधार न होने पर बच्ची को पाकबड़ा स्थित निजी अस्पताल लाया गया। मंगलवार की सुबह करीब चार बजे इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई।
केस-2
ठाकुरद्वारा के गांव सहसपुरी निवासी अधिवक्ता निजामुद्दीन के बड़े भाई अली अहमद (32) को तीन दिन पहले बुकार आया था। उन्हें काशीपुर के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया था। वहां जांच के बाद उन्हें डेंगू बुखार बताया गया था। उनके रक्त में प्लेटलेट्स काफी कम हो गई थीं। सोमवार देर रात उन्होंने इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। स्वास्थ्य विभाग को इस मौत के विषय में भनक तक नहीं है।
इस तरह कहर बरपा रहा डेंगू
गांव सहसपुरी में शिक्षामित्र गुफरान अली की 13 वर्ष की बेटी फोजिया को मंगलवार को ठाकुरद्वारा के सरकारी अस्पताल के इमरजेंसी वार्ड में भर्ती कराया गया है। एक निजी पैथोलॉजी लैब में कराई गई जांच में उन्हें डेंगू बताया गया है।
मोहल्ला ताली निवासी अरविंद कुमार 22, मुकेश कुमार और फौलादपुर निवासी पुष्पेंद्र को डेंगू के आशंका में सरकारी अस्पताल के इमरजेंसी वार्ड में भर्ती कराया गया है। जांच में प्लेटलेट्स बहुत कम होने के कारण डेंगू की आशंका व्यक्त की गई है।
मंगलवार को ठाकुरद्वारा के सरकारी अस्पताल में बुखार के 100 मरीजों की जांच की गई है। टाइफाइड बुखार के सात मरीज पाए गए। सोमवार को हुई जांच में छह मरीज टायफाइड के मिले थे।
मंगलवार को ठाकुरद्वारा के दो व शहर के कुछ इलाकों के चार लोगों में डेंगू की पुष्टि हुई है। मौत के विषय में जानकारी नहीं है। अगवनापुर में टीम दो दिन से जा रही है। ठाकुरद्वारा में भी टीम को भेजकर लोगों की जांच कराई जाएगी। - डॉ. प्रवीण श्रीवास्तव, डिप्टी सीएमओ (जिला सर्विलांस अधिकारी)