फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Moradabad: मां ने डांटा तो नाराज छात्रा ने ट्रेन से कटकर दे दी जान, बिलखते भाई बोला- पढ़ाई में होनहार थी बहन

Sat, 07 Feb 2026 12:53 PM IST
विमल शर्मा अमर उजाला नेटवर्क, मुरादाबाद

सार

नजराजा गांव की छात्रा ने मां की डांट से नाराज होकर ट्रेन से कटकर आत्महत्या कर ली। बीएससी उत्तीर्ण शीतल रेलवे भर्ती की तैयारी कर रही थी। पुलिस के अनुसार घरेलू काम को लेकर मां से कहासुनी के बाद वह घर से निकली थी।
विज्ञापन
रेलवे ट्रैक पर लगी लोगों की भीड़ (सांकेतिक) - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

छजलैट थाना क्षेत्र के नजराजा गांव निवासी पच्चीस वर्षीय छात्रा ने मां के डांटने से नाराज होकर ट्रेन से कटकर जान दे दी। वह बीएससी करने के बाद रेलवे विभाग में नौकरी के लिए तैयारी कर रही थी। बृहस्पतिवार की देर रात करीब दो बजे उसका शव पाकबड़ा थाना क्षेत्र में हकीमपुर रेलवे स्टेशन के पास रेलवे ट्रैक पर पड़ा मिला। सूचना मिलने पर परिजन भी मौके पर पहुंच गए।

विज्ञापन


शुक्रवार को पुलिस ने पोस्टमार्टम कराने के बाद शव परिजनों को सौंप दिया है। ट्रेन से कटकर जान देने वाली शीतल पाल ने पिछले साल बीएससी उत्तीर्ण की थी और अब रेलवे में भर्ती होने के लिए तैयारी कर रही थी। वह अगवानपुर स्थित लाइब्रेरी में रोजाना पढ़ाई करने जाती थी। शीतल के पिता इमरत सिंह की तीन साल पहले मृत्यु हो गई थी।

परिवार में शीतल की मां सावित्री, तीन बड़ी बहन और बड़ा भाई है। वह भाई बहनों में सबसे छोटी थी। भाई पिंटू पाल ने पुलिस को बताया कि बृहस्पतिवार की सुबह शीतल से मां ने घरेलू काम करने के लिए कह दिया था। शीतल ने काम करने से मना कर दिया। इसी बात पर मां ने उसे डांट दिया था। इसके बाद वह अपना बैग और बाइक लेकर घर से निकल गई थी।
विज्ञापन


परिजन समझ रहे थे कि वह लाइब्रेरी चली गई है लेकिन देर शाम तक वह लाइब्रेरी से वापस नहीं आई। उसके मोबाइल पर कॉल नहीं जा रही थी। रात करीब दो बजे हकीमपुर रेलवे स्टेशन के ट्रैक पर एक युवती की लाश मिली। इसकी जानकारी मिलने पर पाकबड़ा, मझोला और छजलैट थाने की पुलिस मौके पर पहुंच गई।

पता चला कि जहां लाश पड़ी है वह क्षेत्र पाकबड़ा थाने में आता है। पुलिस ने आस पड़ोस तलाश की तो युवती की बाइक खड़ी मिली गई और पास में ही बैग पड़ा था।  बैग में रजिस्टर में लिखे नाम से उसकी पहचान हुई। इसकी जानकारी मिलने पर परिजन भी आ गए। सीओ हाईवे राजेश कुमार ने बताया कि मां के डांटने से नाराज होकर घर से निकलने की बात सामने आई है।

विज्ञापन

पढ़ाई में होनहार थी मेरी बहन
भाई पिंटू पाल ने बताया कि शीतल पढ़ाई में होनहार थी और नौकरी की तैयारी कर रही थी। अगवानपुर स्थित लाइब्रेरी में पढ़ने जाया करती थी। मां सावित्री देवी ने बताया कि शीतल स्वभाव से आत्मनिर्भर थी और बाइक भी खुद चलाती थी। शीतल की तीन बड़ी बहनों की शादी हो चुकी है। शीतल की मां, भाई पिंटू, मां सावित्री और बहनों का रो रोकर बुरा हाल है।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें