मां मृत बेटे के जूतों को सीने में दबाकर रोती रही
हादसे के बाद प्रकाश राघव की मां कविता बेटे का शव देखने के बाद बदहवास हो गई। वह बेटे के जूते अपने सीने में दबाए रो रही थीं। परिजनों ने उनसे जूते लेने की कोशिश की लेकिन वह जूतों को छोड़ने के लिए तैयार नहीं थीं। बार-बार पुलिसकर्मियों से पास जाकर कह रही थीं कि साहब, मेरे बेटे को टक्कर मारने वाले कार चालक को पकड़ लो, वह भाग गया है।