टीम की जांच जैसे जैसे आगे बढ़ती गई वैसे वैसे कड़ी जुड़ती चली गई हैं। टीम जीएसटी नंबर, मोबाइल नंबर और बैंक खातों के जरिए आगरा के सदर बाजार थाना क्षेत्र के मधु नगर ताल फिरोज खान नई आबादी निवासी पुनीत तक पहुंच गई। पुलिस ने पुनीत को आगरा से गिरफ्तार कर लिया। उसने पूछताछ में बताया कि 2019 में दिल्ली में कपड़े की दुकान पर काम करता था। वहां उसकी मुलाकात सिद्दीकी नाम के व्यक्ति से हुई।
उसने पुनीत की पत्नी के नाम मेघना इंटरप्राइजेज फर्म बनाई और उसका जीएसटी नंबर हासिल कर लिया। जिसके बदले में उसे बीस हजार रुपये दिए गए। इसके बाद फर्म के जीएसटी नंबर के जरिए फर्जी बिल बना लिए गए। इसके बाद सिद्दीकी ने पुनीत को रुपये देने बंद कर दिए। इसके बाद पुनीत ने जीएसटी जाकर यूजर नेम व पासवर्ड हासिल कर लिया। सिद्दीकी से जो भी पार्टी जुड़ी थीं पुनीत ने उनसे संपर्क किया और उनके रुपये निकालकर अपना कमीशन काटकर रुपयों को पार्टी को सीधे उपलब्ध कराने लगा था।
इसके बाद उसने अपना नेटवर्क तैयार कर लिया। पत्नी, बेटी और अन्य लोगों के नाम से फर्म बनाकर बिना माल की खरीद फरोख्त के बिल तैयार होने लगे। इन फर्मों के माध्यम से इनपुट टैक्स क्रेडिट (आइटीसी) लेकर रकम विभिन्न खातों में घुमाई जाती और बाद में नकद निकासी कर कमीशन काटकर पार्टी को उपलब्ध करा दिया जाता था।
एसआईटी की जांच में अब तक सामने आया है कि पुनीत ने अपने गिरोह के साथ मिलकर 269 करोड़ की फरीद फरोख्त दिखाकर सरकार से 48 करोड़ रुपये का टीआईसी ले लिया है। टीम इस गिरोह के अन्य लोगों की तलाश में जुटी है।