स्वास्थ्य विभाग और पुलिस टीम पर किया था हमला
- फोटो : अमर उजाला
मुरादाबाद के हॉटस्पॉट इलाके नवाबपुरा में स्वास्थ्य विभाग और पुलिस टीम पर जानलेवा हमला करने के 17 आरोपी गुरुवार को सूरज उगने से पहले ही सलाखों में पहुंच गए। इनमें सात महिलाएं शामिल हैं। पुलिस ने कड़ी सुरक्षा में पहले सभी आरोपियों का जिला अस्पताल में मेडिकल परीक्षण कराया। इसके बाद अदालत में पेश किए।
जहां से नवाबपुरा कांड के इन गुहनगारों को चौदह दिन की न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिए गए। पुलिस मास्टर माइंड और बाकी आरोपियों की तलाश में दबिश दे रही है। कुछ और लोग हिरासत में लिए गए हैं। वीडियो फुटेज से इनका मिलान किया जा रहा है।
मुरादाबाद इतिहास का ये शायद पहला मौका रहा होगा। जब आरोपियों को सुबह सवा पांच बजे जेल में दाखिल किया गया। शुक्रवार दोपहर नवाबपुरा में कोरोना वायरस संदिग्ध लोगों को क्वारंटीन करने पहुंची स्वास्थ्य विभाग और पुलिस टीम पर लोगों ने हमला कर दिया था। महिलाओं ने अपने मकानों की छतों से पथराव किया था। जिसमें डॉक्टर एससी अग्रवाल समेत छह स्वास्थ्य कर्मी और तीन पुलिस कर्मी घायल हो गए थे।
पुलिस ने हमलावरों की तलाश में दबिश दी बुधवार देर रात तक पुलिस ने सात महिला समेत 17 हमलावरों को गिरफ्तार कर लिया था। इसके बाद आरोपी महिलाएं महिला थाने, सिविल लाइंस थाने, कोतवाली और मुगलपुरा थाने में रखी गईं थीं। देर रात से लेकर गुरुवार भोर के बीच पुलिस ने कागजी कार्रवाई पूरी की। आरोपी थाने में ही मौजूद रहे और सब कुछ अपनी मौजूदगी में पूरा कराने के बाद आरोपियों को इमरजेंसी कोर्ट में पेश किया।
थाने से लेकर जिला अस्पताल, जिला अस्पताल से लेकर कोर्ट और कोर्ट से लेकर थाने तक सुरक्षा के कड़े बंदोबस्त किए गए। थाने, चौकी पर दोबारा भीड़ इकट्ठा होकर न आ जाए। इस लिए आरोपियों को सूरज उगने से पहले ही जेल भेज दिया। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अमित पाठक ने बताया कि सात महिलाओं समेत 17 आरोपी अदालत में पेश कर जेल भेज दिए गए हैं। बाकी आरोपी और घटना के मास्टरमाइंड की तलाश की जा रही है।