मुरादाबाद में नगर निगम बोर्ड बैठक से पहले सफाईकर्मियों ने ठेकेदारी प्रथा के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन किया। महिला कर्मचारियों के साथ दुर्व्यवहार और असुरक्षा का आरोप लगाते हुए ठेकेदारी खत्म करने की मांग उठाई। हंगामे के चलते बैठक समय पर शुरू नहीं हो सकी और मीडिया के प्रवेश पर भी रोक रही।
मुरादाबाद में नगर निगम बोर्ड की बैठक शुरू होने से ठीक पहले बड़ी संख्या में सफाईकर्मी यूनियन के सदस्य सभागार के बाहर जुट गए। उन्होंने जोरदार नारेबाजी करते हुए प्रदर्शन भी किया। यूनियन के सदस्यों ने ठेकेदारी व्यवस्था के खिलाफ नारेबाजी करते हुए कहा कि इससे सफाई कर्मचारियों का उत्पीड़न होने के साथ समय पर वेतन भी नहीं मिल रहा है।
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प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि ठेकेदार मनमानी करते हैं। कर्मचारियों को असुरक्षित हालात में काम करने के लिए मजबूर करते हैं। यूनियन पदाधिकारियों ने बताया कि खासकर महिला सफाईकर्मियों के साथ दुर्व्यवहार हो रहा है। महिलाओं को सुबह चार बजे सफाई कार्य के लिए बुलाया जा रहा है।
इससे उनकी सुरक्षा और स्वास्थ्य दोनों पर खतरा मंडरा रहा है। यूनियन नेताओं ने आरोप लगाया कि निगम प्रशासन और ठेकेदारों की मिलीभगत के चलते मजदूरों की बात नहीं सुनी जा रही है। ठेकेदारी प्रथा समाप्त होनी चाहिए और महिला सफाईकर्मियों के लिए सुरक्षित एवं सम्मानजनक कार्य व्यवस्था सुनिश्चित होनी चाहिए।
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प्रदर्शन के दौरान ठेकेदारी हटाओ-सफाईकर्मी बचाओ, महिला मजदूरों की सुरक्षा करो और शोषण बंद करो जैसे नारे लगातार गूंजते रहे। यूनियन के नेता लल्लाबाबू द्रविड़ ने कहा कि हमारे साथ लगातार अन्याय हो रहा है। महिला कर्मचारियों को सुबह चार बजे बुलाना न सिर्फ अमानवीय है, बल्कि यह उनकी सुरक्षा से खिलवाड़ भी है।
वहीं, दूसरी ओर बोर्ड की बैठक नियत समय पर शुरू नहीं हो सकी। बैठक में पहली बार गेट पर ही लोगों को रोका जा रहा है। बैठक में केवल पार्षदों को एंट्री दी जा रही है। इसके अलावा मीडिया के प्रवेश पर भी रोक लगाई गई है।