अमरोहा के गजरौला थानाक्षेत्र निवासी पीड़ित महिला ने बताया कि वह बुटीक संचालिका है। उसके पति स्टील प्लांट में नौकरी करते हैं। महिला ने बताया कि फेसबुक पर एक ग्रुप में जुड़ी है। इसी ग्रुप में क्लैरी एटमिनसन नाम से बनी आईडी से एक महिला भी जुड़ी थी। बुटीक संचालिका और क्लैरी एटमिनसन के बीच दोस्ती हो गई थी। उसने खुद को इंग्लैंड के शहर लिवरपूल शहर निवासी बताया था। इसके अलावा वह खुद को डॉक्टर बताती थी। आरोपी ने बताया था कि 16 सितंबर 2021 को इंडिया घूमने आ रही है। टिकट और पासपोर्ट भी पीड़ित को व्हाट्सएप किया था। 16 सितंबर को राजीव ऋषि नाम के व्यक्ति ने महिला को कॉल की।
उसने खुद को कस्टम ऑफिसर बताया। उसने बताया कि वह दिल्ली एयरपोर्ट से बोल रहा हूं। आपकी एक मित्र जो विदेश से इंडिया घूमने आई हैं। उनके पास एक लाख बीस हजार का पौंड का डीडी है। जिसको पास कराने के लिए आपके दोस्त को कस्टम ड्यूटी के 70 हजार रुपये, मनी लांड्रिंग चार्ज एक लाख 87 हजार रुपये बनता है।
उन्होंने क्लैबरी एटमिनसन से मेरी बात भी कराई। उसने कहा कि इंडिया में मैं केवल आपको ही जानती हूं। महिला ने उसकी बातों पर विश्वास कर राजीव ऋषि के खाते में 70 हजार और एक लाख 87 हजार रुपये जमा कर दिए थे। इसके बाद 70 हजार रुपये और जमा कराए। अगले दिन फिर से राजीव ने महिला को कॉल की। आपके खाते में पैसे ट्रांसफर करने हैं, लेकिन रुपये ट्रांसफर नहीं हो रहे हैं। इसके अलावा एक अन्य नंबर से महिला के पति के मोबाइल पर कॉल आई।
उसने ने बताया कि वह आरबीआई से बोल रहा हूं। आपके पास कुछ डिटेल भेज रहे हैं, उसे देख लेना। इसके बाद मनी ट्रांसफर के लिए एक आईडी भेजी। कहा कि सीओटी जनरेट करने के लिए आरबीआई को पांच लाख 25 हजार रुपये का चार्ज करना होगा। इसके बाद एक लाख बीस हजार पौंड की डीडी का पैसा आपके खाते में ट्रांसफर हो जाएगा। झांसे में आकर महिला के पति ने भी आरोपी के बताए खाते में पांच लाख 25 हजार रुपये जाम कर दिए। इसके बाद आरोपियों के अपने नंबर बंद कर लिए।
पीड़ित ने इस मामले की शिकायत अमरोहा पुलिस से की, लेकिन वहां कोई कार्रवाई नहीं हो पाई। अब पीड़ित साइबर अपराध थाने में केस दर्ज कराया है। साइबर अपराध थाने के निरीक्षक राकेश कुमार सिंह ने बताया कि केस दर्ज कर लिया गया है। हमारी टीम आरोपियों के बारे में जानकारी जुटा रही है।