जुर्माना जमा न होने के कारण जिला जेल में अतिरिक्त सजा भुगत रहे कैदियों के लिए शुक्रवार की सुबह खुशी की किरण लेकर आई। स्वयंसेवी संस्था ने चार कैदियों का जुर्माना जमा कर दिया। इसके बाद जेल से तीन कैदियों को रिहा कर दिया गया। चाैथा कैदी एक मामले में विचाराधीन होने कारण बाहर नहीं आ सका।
जेल से बाहर आए कैदियों की आंखों से आंसू छलक पड़े। अमरोहा जिले के देहात थाना क्षेत्र के मोहल्ला बदावाला निवासी वीरेंद्र उर्फ वीरू को छेड़खानी और पॉक्सो एक्ट के मामले में चार साल की सजा हुई थी। साथ ही कोर्ट ने 10 हजार रुपये का जुर्माने लगाया गया था। वीरेंद्र की सजा पूरी हो चुकी थी, लेकिन जुर्माना जमा न होेने के कारण रिहाई नहीं मिल पा रही थी।
वीरेंद्र के जैसे ही तीन अन्य भी कैदी भी जुर्माना जमा न होने के कारण अतिरिक्त सजा काट रहे थे। शनिवार को अमर उजाला में खबर प्रकाशित होने के बाद स्वयंसेवी संस्था ऑल इंडिया पयाम-ए- इंसानियत फोरम मुरादाबाद के अध्यक्ष डॉ. अलाउद्दीन सैफी, मुशर्रफ हुसैन और उनकी टीम ने वरिष्ठ जेल अधीक्षक आलोक सिंह से संपर्क किया और जुर्माना जमा न होने के कारण अतिरिक्त सजा भुगत रहे कैदियों के बारे में जानकारी ली।
इसके बाद टीम ने वीरेंद्र उर्फ वीरू की जुर्माने की राशि 9500 रुपये, कटघर क्षेत्र के सीतापुरी निवासी विशाल की जुर्माने की राशि 4700 रुपये, संभल जनपद के सराय कोठीवालान निवासी विशाल यादव पर लगे जुर्माने की राशि 6000 रुपये और संभल के कुढ़फतेहगढ़ थाना क्षेत्र के नवादा निवासी दुर्गी शेख हसनुद्दीन के जुर्माने के 7350 रुपये जमा करा दिए।
वीरेंद्र उर्फ वीरू, विशाल और विशाल यादव को जुर्माने की राशि जमा होने पर शनिवार की शाम को जेल से रिहा कर दिया गया। वहीं चौथे कैदी दुर्गी शेख हसनुद्दीन की जुर्माने की राशि जमा होने के बावजूद एक अन्य केस में विचाराधीन होने के कारण रिहाई नहीं हो सकी।
अतिरिक्त सजा भुगत रहे चार कैदियों की जुर्माने की राशि स्वयंसेवी संस्था ने जमा करा दी। तीन कैदी रिहा कर दिए गए हैं। एक कैदी के अन्य केस में विचाराधीन होेने के कारण उसे रोका गया है।
- आलोक सिंह, वरिष्ठ जेल अधीक्षक, जिला कारागार