पुलिस ने घर में दबिश दी तो लोगों ने हमला कर दिया। इस घटना में छह पुलिसकर्मी घायल हो गए थे। वहीं गोली लगने से एक महिला की माैत हो गई थी। इस मामले में एक केस ठाकुरद्वारा में दर्ज किया गया था, जबकि दूसरा केस पुलिसकर्मियों के खिलाफ उत्तराखंड के कुंडा थाने में दर्ज किया गया था।
इस मामले की जांच के लिए एसआईटी गठित की गई थी, लेकिन अब तक जांच पूरी नहीं हो सकी है। वहीं ठाकुरद्वारा के तरफ दलपत गांव में 26 सितंबर 2024 की रात खनन के शक में पुलिस के पीछा करने पर ट्रैक्टर पलटने से लोकेश उर्फ मोनू (27) की माैत हो गई थी।
परिजनों ने पुलिसकर्मियों पर हत्या कर शव ट्रैक्टर के नीचे दबाने का आरोप लगाया था। इस मामले में चार पुलिसकर्मियों के खिलाफ हत्या का केस दर्ज किया गया, लेकिन अभी पुलिस किसी नतीजे पर नहीं पहुंच सकी है। एसपी देहात कुंवर आकाश सिंह ने बताया कि मामले की जांच की जा रही है। जांच में जो भी तथ्य सामने आएंगे। उसी आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
सराफ की हत्या में भी पुलिसकर्मियों पर दर्ज हुआ था मुकदमा
मुगलपुरा के कानून गोयान निवासी सराफ सतेंद्र रस्तोगी की मझोला के जयंतीपुर में दुकान थी। 27 जनवरी 2014 को दुकान से घर लौटते समय सतेंद्र रस्तोगी का अपहरण कर हत्या कर दी गई थी। उनका शव रामपुर के पटवाई थाना क्षेत्र में फेंक दिया गया था।
पुलिस ने इस मामले की जांच पड़ताल की तो मूंढापांडे के तत्कालीन थाना प्रभारी और चार पुलिसकर्मियों का नाम हत्या में सामने आया। पांचों आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया था। सभी आरोपी जमानत पर हैं और मामला कोर्ट में विचाराधीन है।