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Moradabad: निर्यातकों की मांग उठाई तो यस से हुई विदाई, संस्था ने पूर्व अध्यक्ष और कई सदस्यों को किया बेदखल

Fri, 17 Apr 2026 11:21 AM IST
Vimal Sharma संवाद न्यूज एजेंसी, ठाकुरद्वारा

सार

निर्यात में आई गिरावट को देखते हुए रियायत की मांग उठाने पर यंग एंटरप्रेन्योर सोसायटी (यस) ने अपने कुछ सदस्यों के खिलाफ कार्रवाई कर दी। पूर्व नेशनल चेयरमैन विशाल अग्रवाल समेत कई निर्यातकों को संस्था और व्हाट्सएप ग्रुप से बाहर कर दिया गया।
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मुरादाबाद के कारोबारी - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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अंतरराष्ट्रीय माहौल के कारण चुनौतियों में घिरे निर्यात और निर्यातकों के हित में उठाई गई मांग कुछ जिम्मेदारों को इतनी नागवार गुजरी कि इस सलाह के पैरोकार कारोबारियों को यंग एंटरप्रेन्योर सोसायटी (यस) से बाहर का रास्ता दिखा दिया गया। यस से जुड़े निर्यातकों को संस्था के व्हाट्सएप ग्रुप से भी बाहर कर दिया है।

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यस के पूर्व नेशनल चेयरमैन विशाल अग्रवाल भी संस्था से किनारे किए गए लोगों में शामिल हैं। ईपीसीएच से की गई छूट की मांग पर यस का यह एक्शन तमाम निर्यातकों के गले नहीं उतर पा रहा। उनकी हैरानी इस बात पर भी है कि इतनी उठा-पटक के बावजूद ईपीसीएच के कर्णधार इस मामले में खुलकर बोलने से बच रहे हैं।

ग्रेटर नोएडा में 13 से 17 अक्तूबर के बीच आईजीएफ मेला आयोजित होना है। इसके लिए मेला आयोजक ईपीसीएच द्वारा स्टॉल और स्पेस की बुकिंग, निर्धारित शुल्क जमा करने जैसी औपचारिकताएं पूरी कराई जा रही हैं।
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इस बीच यस के पूर्व नेशनल चेयरमैन विशाल अग्रवाल ने पश्चिम एशिया के युद्ध से बिगड़ी निर्यात और निर्यातकों की स्थिति का हवाला देते हुए स्थान की बुकिंग में नरमी और रियायत की मांग की थी। ईपीसीएच के कार्यकारी निदेशक (ईडी) राजेश रावत को विशाल समेत कुछ अन्य निर्यातकों ने पत्र भेजा था।

इसमें मेले में स्थान के लिए एडवांस जमा राशि घटाकर 10 हजार रुपये करने का सुझाव दिया था। कहा था कि स्टॉल आवंटन के बाद 30 सितंबर तक बाकी राशि जमा कराई जाए। स्टॉल का किराया 8750 रुपये प्रति वर्गमीटर से घटाकर 5000 रुपये प्रति वर्गमीटर करने की भी मांग थी।

विशाल का कहना है कि हमारी यह मांग एमएचईए के पदाधिकारियों को पसंद नहीं आई। नाराज लोगों ने उन्हें और कई सदस्यों को यस तथा उसके व्हाट्सएप ग्रुप से हटा दिया। विशाल के मुताबिक नदीम खान, नबील अहमद, काजी शौकत, शफात अहमद, मोहम्मद नाजिम को भी किनारे कर दिया गया है।

मेरे पास तक नहीं आया मामलाः खन्ना 
ईपीसीएच के अध्यक्ष नीरज खन्ना का कहना है कि यह मामला अभी तक मेरे पास तक नहीं आया है। अगर सदस्यों की ओर से कोई मांग की गई है तो उसे ईपीसीएच को मेल किया जाए। इसके साथ ये सदस्य आकर मिल लें। इसका समाधान कर दिया जाएगा।

नदीम बोले...की जा रही तानाशाही 
निर्यातक एवं यस व एमएचईए के सदस्य नदीम खान ने इसे तानाशाही बताया है। उन्होंने कहा कि हम सभी की ओर से की गई मांग का सौ से अधिक सदस्यों ने समर्थन किया था। हमें ग्रुप से इसलिए निकाल दिया गया ताकि निर्यातकों की सही मांगें दमदार तरीके से नहीं उठ सकें।
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एक्सपोर्टर्स वॉइस फोरम संस्था का गठन
यस के पूर्व नेशनल चेयरमैन विशाल अग्रवाल ने बताया कि उन्होंने कई सदस्यों के साथ मिलकर एक्सपोर्टर्स वॉइस फोरम संस्था बनाई है।  इसमें यस और एमएचईए से जुड़े 120 सदस्य शामिल हैं। उनका कहना है कि इस संस्था को 10 दिनों में पूरी तरह सक्रिय कर दिया जाएगा। 
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